जम्मू संभाग के पुंछ और राजोरी को कश्मीर संभाग के जिला शोपियां से जोड़ने वाला मुगलरोड मंगलवार को बहाल हो गया है। इससे पहले सोमवार पांचवें दिन भी वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रही थी। बर्फ हटाने का काम पूरा होने बाद भी कई स्थानों पर गिरने वाला पाला यातायात बहाल करने में बाधक बना रहा। इस बीच सोमवार को दोपहर बाद यातायात पुलिस के अधिकारियों और मुगलरोड अथारिटी के अधिकारियों ने जिले की तरफ से मुगलरोड का दौरा कर यातायात बहाल करने की स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान सड़क पर कई जगहों पर जमे चार से छह इंच मोटे पाले की परत को पिघलाने के लिए नमक का भी छिड़काव किया गया। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल इकाई के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मोहम्मद तारिक खान ने बताया कि हमने रविवार शाम को ही मुगलरोड से बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया था।
उसके बाद रात भर मौसम साफ रहने के कारण मुगलरोड पर रत्ता छंब से पीर की गली के बीच कई स्थानों पर भारी मात्रा में पाला गिरा था, जिसे हमने जेसीबी मशीन से उखाड़ कर मार्ग को वाहनों के चलने योग्य बना दिया था, परंतु आज मार्ग पर यातायात बहाल नहीं किया गया। इस दौरान दोपहर को यातायात पुलिस अधिकारियों ने भी मुगलरोड का दौरा कर हालात का जायजा लिया और जिन स्थानों पर अधिक पाला गिरने की संभावना है, वहां नमक का भी छिड़काव भी किया। हमारा वाहन चालकों से आग्रह रहेगा कि वह सुबह धूप निकलने के पहले मुगलरोड पर यात्रा करने से परहेज करें, क्योंकि धूप निकलने के बाद पाला पिघलने से फिसलन कम हो जाती है।
मोहम्मद तारिक खान का कहना है कि मुगलरोड कई स्थानों पर समुद्रतल से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है। जहां पर दिन का तापमान भी शून्य से नीचे रहता है, जिसके कारण सर्दी के मौसम में बर्फबारी न होने के बावजूद भी मार्ग को यातायात योग्य बनाए रखना काफी कठिन कार्य रहता है। अब मार्ग पर दोबारा यातायात बहाल करने के पहल भी हमारी मशीनें एक बार फिर पोशाना से पीर की गली तक चलेंगी, ताकि जहां अधिक पाला गिरा हो उसे हटाया जा सके। गौरतलब है कि मुगलरोड पर वीरवार रात को हल्की बर्फबारी के चलते यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। जिसे आज तक बहाल नहीं किया जा सका है।