पीएम मोदी की जनसभा में ओर जाते लोग।
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पल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा के लिए कड़ा सुरक्षा घेरा रहा। पूरे आयोजन स्थल और इसके आसपास के इलाके में पांच हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। इनमें सीआरपीएफ, पुलिस, सीआईएसएफ, एसओजी के जवान तैनात रहे। पल्ली को जोड़ने वाले हर चौक-चौराहे पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। बख्तरबंद वाहनों के साथ हर नाके पर तीन से चार जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। मोदी के दौरे के चलते जम्मू में भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए।
हर 100 मीटर के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए
खासकर जम्मू, सांबा और कठुआ के बॉर्डर से लेकर जम्मू शहर तक हर 100 मीटर के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए। सुंजवां में हुए आतंकी हमले के बाद मोदी की रैली में सुरक्षा एक कड़ी चुनौती बन गई थी। तमाम पुलिस अफसरों को अपने-अपने इलाकों में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। लिहाजा चौकी अफसरों से लेकर डीजीपी तक रैली स्थल और इसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा पुख्ता करने में नजर आए।
ड्रोन से की गई निगरानी
रैली स्थल और इसके आसपास के इलाके की ड्रोन से भी निगरानी की गई। विशेष ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जो काफी ऊंचाई तक और बिना आवाज के पल्ली गांव और इसके पूरे इलाके के चक्कर लगाते रहे। इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम तैयार किया गया था।
डीआईजी स्तर के अफसरों ने की बॉर्डर की निगरानी
सांबा में आतंकियों की घुसपैठ के बाद पूरे बॉर्डर पर हाई अलर्ट है। बीएसएफ के डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने निजी तौर पर सीमा पर निगरानी की। बता दें कि सुंजवां में हमला करने वाले दोनों आतंकी सांबा की तरफ से 20 अप्रैल को ही जम्मू आए और ऐसा माना जा रहा है कि इन आतंकियों ने सांबा और हीरानगर बॉर्डर से घुसपैठ की।