अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। युवाओं को उद्यमी बनने के लिए मिशन यूथ ने विभिन्न पहल शुरू की हैं, ताकि युवा रोजगार तलाशने नहीं बल्कि रोजगार प्रदाता बनें। इसी क्रम में मिशन यूथ ने प्रेरक उद्यमिता पहल शुरू की है। इसके तहत व्यवसाय को बढ़ाने या फिर नया व्यवसाय शुरू करने के लिए 20 लाख रुपये की वित्तीय मदद मिलेगी, जिसमें मिशन यूथ दो लाख रुपये की सब्सिडी दे रहा। इसके लिए आइडिया होना जरूरी है, जो वित्तीय मदद के लिए अनिवार्य है।
प्रेरक उद्यमिता पहल के लिए 12वीं पास 18 से 40 साल की आयु तक के लोग आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रदेश के सभी 20 जिलों में अतिरिक्त निदेशक रोजगार के कार्यालय में किया जा सकता है। इसके लिए अलावा ऑनलाइन भी आवेदन की सुविधा है। वहीं, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 25 फीसदी मामले महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।
तीन तरह के व्यवसाय शुरू करने में मिलेगी मदद
प्रेरक उद्यमिता पहले के तहत तीन तरह के व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय मदद मिलेगी। इसमें सर्विस, उत्पादन और ट्रेडिंग शामिल हैं। ट्रेडिंग व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय मदद के लिए गारंटी देने वाले व्यक्ति की जरूरत होगी, जबकि अन्य दो में इस तरह की जरूरत नहीं होगी। युवाओं को अपने व्यवसाय का एक आइडिया मिशन यूथ को देना होगा, जिसके आधार पर उन्हें बैंक से वित्तीय मदद मिलेगी। आवेदन से लेकर वित्तीय मदद मिलने तक की प्रक्रिया में दो माह तक का समय लग सकता है।
मिशन यूथ के ये योजनाएं भी बेरोजगार युवाओं को बना रहीं सक्षम
मिशन यूथ युवाओं को रोजगार देने के लिए कई योजना चला रहा है। इसमें एक मुमकिन योजना है, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को परिवहन क्षेत्र में एक स्थायी आजीविका स्थापित करने के लिए सब्सिडी के आधार पर छोटे वाणिज्यिक वाहन दिए जाते हैं। वहीं, महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए तेजस्विनी योजना शुरू की है। इसमें महिलाओं को उनके कौशल, प्रशिक्षण, योग्यता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल लाभकारी स्वरोजगार उद्यम स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की वित्तीय मदद दी जाती है। सहायता योजना के तहत संकटग्रस्त युवाओं को लाभकारी स्वरोजगार इकाई स्थापित करने के लिए योजना के तहत दो लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।