घगवाल के नृसिंह मंदिर में सात दिन तक चलेगा मेला, पहले दिन मंदिर में लगी रहीं भक्तों की कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। घगवाल के भगवान नृसिंह मंदिर में वीरवार को रथ खड़ा मेले की शुरुआत हुई। ठंड के बावजूद लोगों में उत्साह देखा गया। भगवान नृसिंह के दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। दर्शन करने के उपरांत लोगों ने मेले में खरीदारी की। ऋतु परिवर्तन का प्रतीक रथ खड़ा मेला 7 दिन चलेगा, जिसमें बड़ी संख्या में गर्म कपड़ों का व्यापार होने की उम्मीद है।
घगवाल एक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान है। यहां भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार श्री नृसिंह भगवान विग्रह रूप में स्थापित है। इस धाम में हर साल दो मेले लगते हैं। एक मेला भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन यानी जन्माष्टमी पर लगता है। वहीं, दूसरा मेला हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह की त्रियोदशी को लगता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन से दिन बढ़ना शुरू हो जाते हैं, और रातें छोटी होना शुरू हो जाती हैं। चूंकि, यह मेला भीषण सर्दियों में लगता है, इसलिए इस दिन सुदूर पहाड़ों के लोग हाथों के बुने गरम कपड़े, कंबल, शॉल बेचने यहां आते हैं। यह मेला गरम कपड़ों के लिए मशहूर है। वैसे यह मेला किसानों के मेले के रूप में भी जाना जाता है। इसमें खेतीबाड़ी से जुड़े सामान जैसे दरात, खुरपे, आदि मिलते हैं।
मंदिर प्रबंधन कमेटी के अश्वनी ने बताया कि इस मंदिर में एक नक्षत्र पार्क, योग साधना केंद्र, पवित्र सरोवर, सत्संग पंडाल बन गया है। मेले के दौरान पूरे सात दिन तक लंगर चलता रहेगा। वैसे सामान्य रूप से लंगर तो रोज चलता ही है। वीरवार को शुरू हुए इस मेले में अतिरिक्त उपायुक्त सांबा सुरेश कुमार शर्मा, एसएसपी बेनाम तोश विशेष रूप से पहुंचे। उनके साथ अतिरिक्त डीडीसी अध्यक्ष केशव शर्मा, डीडीसी सुभाष चंद्र, डीडीसी आशा रानी, डीडीसी सुरेश कुमार, बीडीसी अध्यक्ष विजय कुमार टगौत्रा, आदि पहुंचे। दोपहर 12 बजे ठाकुर जी की एक झांकी निकाली गई, जिसका हजारों लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। दोपहर को गंगवाल के संगीतज्ञ वीरेंद्र कौशल ने अपने मधुर भजनों से लोगों को सत्संग में व्यस्त रखा। दिन भर मेले में भीड़ बनी रही।