पीडीपी प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के जम्मू कश्मीर के मसले को लेकर बातचीत करने की बात को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों को कश्मीर को लेकर बात करनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो जो पैसा सेना पर खर्च होता है वह लोगों की मुश्किलें दूर करने पर लगाया जा सकता है।
महबूबा ने कहा कि यह मसला कई वर्षों से लटका हुआ है। अब इसका जल्द समाधान करना चाहिए। कुछ दिन पहले उन्होंने उलेमाओं की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई थी। ट्वीट करते हुए कहा था कि धार्मिक विद्वानों को जेल में डालना, जामा मस्जिद को बंद करना और यहां स्कूली बच्चों को हिंदू भजन गाने के लिए निर्देशित करना कश्मीर में भारत सरकार के वास्तविक हिंदुत्व एजेंडे को उजागर करता है।
इन आदेशों को नकारना पीएसए और यूएपीए को आमंत्रित करता है। यह वह लागत है जो हम इस तथाकथित बदलता जम्मू-कश्मीर के लिए चुका रहे हैं। दरअसल महबूबा की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर गवर्नमेंट हाई स्कूल नागाम (कुलगाम) के एक वायरल वीडियो को लेकर सामने आई जिसमें शिक्षक बच्चों को महात्मा गांधी के लोकप्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम... सिखा रहे थे।
महबूबा ने यह भी कहा, उसका क्या हुआ ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी, जिंदगी शम्मा की सूरत हो खुदाया मेरी’ उसमें क्या बुराई थी। उसमें तो किसी मजहब का जिक्र नहीं था। उसे बंद किया और अब भजन गाने को कह रहे हैं। भजन की हम कद्र करते हैं, इज्जत करते हैं लेकिन मुसलमान बच्चों से भजन गवाना...।
मेरा उनसे सवाल है कि वो करना क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आप लोग गोडसे की पूजा करते हो जिसने गांधी जी की हत्या की। हमें गांधी जी का पाठ क्यों पढ़ाते हो। हम गांधी जी को जानते हैं और मानते भी हैं।