अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में ई-रिक्शा का परिचालन अब मेटाडोर और ऑटो रिक्शा संचालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इस कारण मेटाडोर और ऑटो रिक्शा संचालकों में रोष है। मंगलवार को मेटाडोर वर्कर और ऑटो रिक्शा यूनियन ने बैठक कर फैसला लिया है कि प्रशासन की ओर से सोमवार तक ई-रिक्शा के परिचालन के रूट तय नहीं किए तो वह प्रदर्शन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
जम्मू ने शहर में ई-रिक्शा के रुट्स सूचित किए है, लेकिन लागू नहीं किए है। ऐसे में ई-रिक्शा मेटाडोर और ऑटो रिक्शा रुट्स पर चल रहे हैं। किराया दरें भी तय नहीं होने से वह मनमाना किराया वसूल रहे है। मिनी बस वर्कर यूनियन के अध्यक्ष विजय चिब ने कहा कि अगर सोमवार तक आरटीए ने ई-रिक्शा के परिचालन को व्यवस्थित नहीं किया बड़े स्तर पर प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जरूरत पड़ेगी तो चक्का जाम भी करेंगे। ई-रिक्शा को लेकर आए दिन शिकायतें आ रही हैं। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के चले रहे है। ई-रिक्शा मुख्य रूट्स पर परिचालन कर रहे हैं। ज्यूल चौक से दोमाना तक परिचालन हो रहा है। इसका असर मेटाडोर और ऑटो रिक्शा के काम पर पड़ रहा है। ई-रिक्शा के परिवहन प्रणाली में लाने का उद्देश्य शहर के उन रुट्स पर परिवहन सुविधा देना था जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। ई-रिक्शा उन रुट्स पर परिचालन की बजाय मुख्य रुट्स पर चल रहे हैं। विजय सिंह चिब ने कहा कि इसके कारण दो गुटों में लड़ाई की स्थिति बन रही है।