मेरा क्या कसूर था, मुझे गर्भ में क्यों पाला था, आंखें अभी पूरी तरह से खुली नहीं थी कि सड़क पर पड़े नवजात के आंसुओं ने ममता पर सवाल साध दिए। पानी की तरह टपकते आंसू देखकर हर उस मां का दिल पसीजा होगा जिसने शिशु की बदहवास हालत को देखा होगा।
एक दिन के शिशु के तड़पने की आवाज से मार्बल मार्केट में उथल पुथल मच गई। सबसे पहले झुग्गी वालों को बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। वे बाहर निकले तो देखा कि सड़क किनारे नवजात पड़ा था जो दूध के लिए मां को पुकार रहा था। लोगों ने उसे गोद में लिया और अपने साथ ले गए। इतना ही नहीं, उसे दूध पिलाया और बाद में पुलिस को सूचित किया। देर शाम तक पूरे इलाके में सनसनी फैल चुकी थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चे को शालामार अस्पताल में दाखिल करवाया। घटना शनिवार देर रात नौ बजे की है जब सड़क पर कम आवाजाही थी। इसी बीच इंसानियत को शर्मसार करने वाली महिला कूड़े की तरह बच्चे को सड़क पर रख गई। बच्चा अस्पताल में उपचाराधीन है।
पुलिस के अनुसार बच्चा तंदुरुस्त है। समय पर उसकी देखभाल होने से जान बच सकी। अब सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से महिला की पहचान की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि आरोपी कहां से आई थी, कौन से कपड़े पहने थे, किस अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था, क्या किसी दाई ने डिलीवरी कराई थी। इन सब पहलुओं को लेकर जांच की जा रही है।
छन्नी हिम्मत की पुलिस के अनुसार मामला दर्ज कर लिया है। फुटेज के आधार पर माता-पिता की तलाश की जा रही है। इससे पहले इंदिरा चौक, तालाब तिल्लो सहित अन्य जगहों में नवजात के शव मिलते रहे हैं। शालामार अस्पताल में कुछ माह पहले भी एक बच्चे को जन्म देने के बाद मां अस्पताल से भाग गई थी। बाद में पुलिस ने आरोपी को ढूंढ बच्चा परिवार के हवाले किया था।