- अरनिया के कारोबारी बोले - त्योहारी सीजन में भी नहीं हो रही कमाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। कस्बे के बाजार में त्योहारी सीजन फीका नजर आ रहा है। न कोई भीड़, न ही चहल-पहल, इक्का-दुक्का खरीदार ही दुकानों पर पहुंच रहे हैं। कस्बे के दुकानदार सुबह से दोपहर तक ग्राहक के इंतजार में बैठे रहते हैं। शाम के वक्त हल्की-फुल्की बिक्री होती है। इसके विपरीत इलाके के अन्य बाजारों में अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है।
लोग खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। अरनिया के दुकानदारों का कहना है कि बाजार पिछले 10 साल से निरंतर गिरावट आ रही है। इस सीजन भी व्यापार प्रभावित हुआ है। किसी भी प्रकार के सामान के लिए लोगों में खरीदारी की उत्सुकता नहीं देखी जा रही। रोजमर्रा की जरूरत वाली दुकानों को छोड़कर बाकी बाजार में काम ठप है। व्यापार को कायम रखने के लिए सरकार और प्रशासन ने भी उचित कदम नहीं उठाए हैं। क्षेत्र में टूरिस्ट को लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा। लिहाजा दिन-ब-दिन अरनिया का व्यापारी कर्ज में डूब रहा है। इसके मुख्य कारण सीमा पर गोलीबारी, लोगों का पलायन, कस्बे में बड़े शोरूम, उच्च गुणवत्ता की चीजें उपलब्ध न होना आदि हैं।
सीमा पर गोलीबारी के दौरान निरंतर लोगों का पलायन होता रहा है। लोग सुरक्षित इलाकों में बस गए हैं। जिन लोगों के पास पैसा था, वे परिवार समेत शहर का रुख कर गए। इस समय अरनिया में ज्यादातर किसान और मजदूर तबका रह रहा है, जो बड़े पैमाने पर खरीदारी नहीं कर पता। इससे बाजार में कारोबार प्रभावित हो रहा है।
कैलाश चंद्र सैनी, प्रधान अरनिया व्यापार मंडल
शहर का रुख कर रहे ग्राहक
अरनिया के व्यापारी रवि गुप्ता, कुलदीप राज गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी के चलते बाजार काफी प्रभावित हुआ है। लोग घर बैठे सुविधा अनुसार, ऑर्डर पर सामान मंगवा रहे हैं। ग्राहक खरीदारी के लिए वैरायटी पर निर्भर हो गया है। उच्च गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ, सराफा बाजार, खुदरा बाजार की चीज खरीदने को तत्पर रहता है। अरनिया में गोलीबारी के चलते बड़े शोरूम नहीं स्थापित हुए। मल्टीनेशनल ब्रांड क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट नहीं करते हैं। इससे ग्राहक बड़े शहरों का रुख कर रहे हैं। मनियारी के व्यापारी अनुराग गुप्ता ने बताया कि 10 साल पहले के व्यापार के मुकाबले लगभग 50 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। करवाचौथ व्रत पर बंपर खरीदारी करने के लिए महिलाएं बाजार में आती। इस बार महिलाओं में खरीदारी के लिए उत्सुकता नहीं दिखी। इसका मुख्य कारण ऑनलाइन शॉपिंग रहा। बड़ी खरीदारी की ताकत रखने वाले लोग क्षेत्र से पलायन कर गए हैं।