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कश्मीर में अमन-शांति की प्रार्थना: घाटी में पहली बार वेद पंचमी पर गूंजे मंत्र, 135 पंडितों ने किया अनुष्ठान

Tue, 05 Jul 2022 12:44 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

खीर भवानी मंदिर में चिनार के पेड़ों की छाया के नीचे 135 पंडितों के मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब गया। रैना ने  बताया कि पाठशाला के संस्थापक माधवन शर्मा के नेतृत्व में पंडित पहुंचे थे।
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खीर भवानी मंदिर में पूजा करते पंडित - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कश्मीर के इतिहास में पहली बार वेद पंचमी पर चारों वेदों के मंत्र घाटी में गूंजे। श्रीनगर के बादामी बाग सैन्य मुख्यालय स्थित शिव मंदिर, मां खीर भवानी मंदिर तुलमुला के अलावा शादीपोरा संगम पर दक्षिण भारत के 135 पंडितों ने मंत्रोच्चार कर घाटी में अमन-शांति की प्रार्थना की।

विशाखापट्टनम से 135 पंडितों को बुलाया

वितस्ता फाउंडेशन व कश्मीर टेंपल केयरिंग कमेटी की ओर से विशाखापट्टनम के सप्तऋषि चैरिटेबल ट्रस्ट के 135 पंडितों को बुलाया गया था। फाउंडेशन के अध्यक्ष भरत रैना ने बताया कि सोमवार को वेद पंचमी थी। कश्मीर में पहली बार वेद पंचमी मनाई गई है। चार वेदों के पंडितों की पाठशाला वाइजैग (विशाखापट्टनम) में है।

पंचमी के दिन ही वेद का आरंभ हुआ

ये सभी पंडित वहां पर प्रशिक्षण हासिल करते हैं। वेद पंचमी के दिन ही वेद का आरंभ हुआ था। हमने अपनी संस्था के जरिये इन पंडितों को आमंत्रित कर यहां वेद पंचमी के दिन कश्मीर की शांति के लिए वेदों का उच्चारण करने का आग्रह किया था।

शिव मंदिर में ऋग्वेद का मंत्रोच्चार किया गया

सोमवार सुबह खीर भवानी मंदिर में यजुर्वेद के मंत्रों का उच्चारण श्री चक्र मुद्रा में किया गया। शादीपोरा संगम में सामवेद व अथर्ववेद के मंत्रों का उच्चारण किया गया। उन्होंने बताया कि इससे पहले तीन जुलाई को श्रीनगर के बादामी बाग सैन्य मुख्यालय में स्थित शिव मंदिर में ऋग्वेद का मंत्रोच्चार किया गया था। 

भक्तिरस में डूबा कश्मीर

खीर भवानी मंदिर में चिनार के पेड़ों की छाया के नीचे 135 पंडितों के मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब गया। रैना ने  बताया कि पाठशाला के संस्थापक माधवन शर्मा के नेतृत्व में पंडित पहुंचे थे। पिछले 12 वर्ष से वे लगातार पाठशाला के संपर्क में थे। इसके लिए दक्षिण भारत के तीनों पीठ की अनुमति भी ली गई थी। 

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