बिश्नाह के पृथ्वीपुर गांव में 11 कुंडी महाविष्णु यज्ञ की शुरूआत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। पृथ्वीपुर गांव में वीरवार को 11 कुंडी महाविष्णु यज्ञ का कथावाचक सुरेंद्र शास्त्री ने विशेष पूजा और आरती के साथ शुभारंभ किया। पहले दिन उन्होंने श्रद्धालुओं को ईश्वर की भक्ति के महत्व और ईश्वर द्वारा अलग-अलग युग में लिए गए अवतार की कथा सुनाई। कहा कि मनुष्य अपने जीवन में सच्चे सुख और शांति की तलाश में यहां वहां भटकता रहता है। परंतु, सच्चा सुख और शांति केवल ईश्वर की भक्ति से ही मिल सकती है।
सुरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ईश्वर की भक्ति से मन को शांति और स्थिरता मिलती है। जिस परिवार में नित नियम से प्रभु की भक्ति और आराधना होती है, उन परिवारों में सुख-समृद्धि बनी रहती है। परिवार के सदस्य दीर्घायु होते हैं और भगवान का आशीर्वाद ऐसे परिवारों पर सदैव बना रहता है। इसके साथ ही सुरेंद्र शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अलग-अलग युग में भगवान विष्णु द्वारा लिए गए अवतारों की महत्ता बताई। कहा कि जब-जब भी धरती पर पाप कर्म बढ़ जाता है तो पाप के नाश और धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर खुद अवतार लेते हैं। पापियों और दुराचारियों का संहार कर सत्य और धर्म की स्थापना करते हैं। भगवान वासुदेव और भगवान श्रीराम का धरती पर अवतार इसका स्पष्ट उदाहरण है।
कथावाचक ने बताया कि 11 कुंडीय महाविष्णु यज्ञ में सुबह 8 बजे पूजा व हवन हुआ करेगा। इसके बाद 3 से 5 बजे तक कथा की जाएगी। प्रत्येक दिन रात को 8 बजे सत्संग का आयोजन होगा। सुरेंद्र शास्त्री ने सभी क्षेत्रवासियों से महाविष्णु यज्ञ में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की।