जम्मू से वैष्णो देवी मंदिर के लिए जाने वाला पुराना यात्रा मार्ग पर्यटन विभाग पुनर्जीवित करेगा। नया रूट बनने के बाद इस रास्ते का सार्वजनिक उपयोग कम हो गया था। पर्यटकों ने भी रास्ते का उपयोग न होने के कारण इस रास्ते पर पड़ने वाले मंदिरो में आना भी बंद कर दिया था। पर्यटन विभाग इन चैत्र नवरात्रों में इसमें जान फूंकने जा रहा है। यह पहली बार है कि जब पर्यटन विभाग चैत्र मास के नवरात्रों को बहुत धूमधाम से मना रहा है।
पर्यटन विभाग प्राचीन मार्ग यानी कोल कंडोली मंदिर, नगरोटा- जगदम्बा मंदिर, पंगाली माता मंदिर, शिव मंदिर द्राभी, शिव मंदिर भम्याल, शिव मंदिर अप्पर भम्याल, महा लक्ष्मी मंदिर, औली देवा माई मंदिर- कटरा मंदिरों के दर्शन कराने के लिए 26 मार्च को लोगों के एक समूह को बस से लेकर जाएगा। इसका उद्देश्य है कि देश-विदेश के लोगों को भी वैष्णो देवी के पुराने मार्ग से अवगत करवाया जा सके। यहीं नहीं इन नवरात्रों में इस मार्ग पर आने वाले मंदिरों में जागरण, पूजा , हवन इत्यादि का भी प्रबंध किया गया है।
जम्मू में भी धूमधाम से नवरात्र की तैयारी
पर्यटन विभाग इस काम से एक पंथ दो काज करने जा रहा है। इस मार्ग पर श्रद्धालुओं के आने के बाद ना ही सिर्फ जम्मू की संस्कृति को संरक्षित किया जा सकेगा बल्कि यहां ठप पड़ चुके व्यापार को भी सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। विभाग जम्मू शहर में नवरात्र को धूमधाम से मनाएगा। ओपन एयर सिनेमा के जरिए लोगों को मां जगदम्बा की कहानी दिखाई जाएगी। वहीं रेलवे स्टेशन और बाग-ए- बहु में लाइट इमिटिंग डायोड पर माता के भजन लगातार 9 दिन तक सुनाए जाएंगे। इस प्रोग्राम का पहला शो शाम 6.45 से 7.15 तक और दूसरा शो शाम 7.30 से 8.00 बजे तक चलेगा।
प्राचीन संस्कृति को बचाने का काम पर्यटन विभाग कर रहा है। इसमें नौजवानों को भी इस शामिल किया जाएगा। वैष्णो देवी का पुराना मार्ग पुनर्जीवित करना हमारी प्राथमिकता है। इसे शुरू करने के लिए नवरात्र से बेहतर कोई समय नहीं हो सकता। इस से ना सिर्फ लोग अपनी संस्कृति को जानेंगे बल्कि श्रद्धालुओं के इस मार्ग पर आने से यहां के दुकानदारों को भी लाभ होगा।
-सुनैना शर्मा , संयुक्त निदेशक, पर्यटन विभाग।