अमर उजाला ब्यूरो जम्मू। लेफ्टिनेंट गवर्नर गिरीश चंद्र मुर्मू ने शनिवार को कोविड-19 से लड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने इसको लेकर तैयारियों की समीक्षा की। जम्मू विश्वविद्यालय के वीसी, कश्मीर विश्वविद्यालय के वीसी, जम्मू / कश्मीर के क्लस्टर विश्विद्यालय के वीसी, शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी जम्मू /कश्मीर, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय, इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वीसी कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। इस दौरान बैठक के दौरान उपराज्यपाल के प्रधान सचिव बिपुल पाठक भी उपस्थित थे। उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों और उनकी पोस्ट-लॉकडाउन की तैयारियों के बारे में सभी कुलपतियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और उन्हें कैंपस परिसर को नियमित रूप से साफ करवाने के लिए कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपराज्यपाल को सूचित किया गया कि छात्रों को ई-लर्निंग मोड और वर्चुअल क्लास रूम के माध्यम से ऑनलाइन पाठ उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लॉकडाउन के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। कुलपतियों ने अपने परिसरों में इंट्रानेट की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी। उपराज्यपाल ने कुलपतियों से विश्वविद्यालयों के छात्रावासों के नियमित रूप से स्वच्छता को जारी रखने का आग्रह किया, विशेष रूप से उन केंद्रों को जिसको आइसोलेशन केंद्र में परिवर्तित कर दिया गया है। छात्रों को छात्रावास उपलब्ध कराने से पहले उन्हें पूर्ण रूप से स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कहा। उपराज्यपाल को बताया गया कि छात्रों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा, डॉक्टर नियमित स्वास्थ्य जांच और परामर्श के लिए नियमित रूप से परिसरों और छात्रावासों का दौरा कर रहे हैं। उपराज्यपाल ने रेड जोन से संबंधित छात्रों के परीक्षण और उचित स्कैनिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में धार्मिक मण्डली में भाग लेने वाले परिवारों से आने वाले छात्रों का परीक्षण किया जाए ताकि दूसरों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।