विश्व प्रसिद्ध डल झील से उत्पादित होने वाला नदड़ू अब किसानों की मुख्य आय का साधन बनने लगा है। जम्मू-कश्मीर सरकार उपज अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए मूल्यवर्धन और हैंडहोल्डिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। नवगठित और पदोन्नत किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) में 250 किसान शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात को दो खेपों का निर्यात कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपस्थिति दर्ज कराई है।
एफपीओ के गठन का उद्देश्सं भावित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपज को बेचने और बढ़ावा देने के लिए किसानों को सशक्त बनाना है। जम्मू-कश्मीर सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उल्लेख हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में भी किया था।
नंदड़ू (कमल के तने) की विशिष्टता को देखते हुए जिला प्रशासन श्रीनगर ने उद्यमी किसानों से मुलाकात की थी। इसके बाद खाका तैयार कर दिसंबर 2022 में एफपीओ को मंजूरी दी गई। एफपीओ को कंपनी अधिनियम के तहत डल लेक लोट्स स्टेम फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के रूप में पंजीकृत किया गया है।
एफपीओ ने हजरतबल के डल झील क्षेत्र में कुल 250 शेयरधारकों को संगठित किया है। एफपीओ ने नंदड़ू के एक कंपनी के स्वामित्व वाले पंजीकृत ब्रांड को भी पंजीकृत किया है, जिसमें स्वच्छता से खरीदे गए और शीर्ष श्रेणी के नंदड़ू का विपणन शामिल है।