जम्मू। महाशिवरात्रि 8 मार्च को मनाई जाएगी। इस दौरान रात्रि के समय भगवान शिव का एक से चार बार पूजन किया जाएगा। यह भक्तों पर निर्भर करता है कि वे किस तरह महादेव की पूजा करना चाहते हैं। रात्रि पहले प्रहर पूजा का समय शाम 6:22 से 9:27 तक, दूसरा प्रहर में पूजा का समय रात 9:29 से रात 12:30 तक, तीसरा प्रहर पूजा का समय रात 12:31 से 3:31 तक और चौथा प्रहर पूजा का समय 3:31 से 6:33 तक है।
आठ मार्च को सुबह 4 बजकर 46 मिनट से शिव योग शुरू होगा, जो देर रात्रि 12 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। शिवरात्रि व्रत पारण का समय 9 मार्च को सुबह 6 बजकर 35 मिनट से दोपहर 3 बजकर 3 मिनट पर है। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष (ज्योतिषाचार्य) महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि फाल्गुन माह की शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। इसी दिन भगवान शिव की लिंग रूप में उत्पत्ति हुई थी। ज्योतिष शास्त्रों में इस तिथि को अत्यंत शुभ बताया गया है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 8 मार्च को रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू हो रही है, जो 9 मार्च शाम 6 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी। संवाद