-मामूली नोकझोंक पर मायके चली गई थी पत्नी, अदालत में लगाया था खर्च का केस
-तीन बेंचों पर 3178 मामलों में से 2973 का निपटारा, 20,95,208 रुपये के अवॉर्ड पास
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को लगाई राष्ट्रीय लोक अदालत में दंपती का सात साल पुराना विवाद निपटाया गया। मनमुटाव दूर होने पर मायके रह रही पत्नी हंसी-खुशी पति के साथ लौट गई। इसी तरह अन्य कई मामले चंद मिनटों में समझौते से निपटा दिए गए। इससे वर्षों से अदालतों के चक्कर काट रहे दोनों पक्षों के लोगों को राहत मिली। अदालत में आए 3178 मामलों में से 2973 का निपटारा कर 20,95,208 रुपये के अवॉर्ड पास किए गए।
लोक अदालत का उद्घाटन जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष यशपाल कोतवाल ने किया। मामलों के निपटारे के लिए तीन बेंचों का गठन किया गया। पहली बेंच पर खुद यशपाल कोतवाल और प्राधिकरण सचिव रेखा कपूर निश्चल ने केसों की सुनवाई की। दूसरी बेंच में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अदनान सईद व मुंसिफ सांबा हिमानी परिहार, जबकि तीसरी बेंच पर अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट सांबा अनंता रैना और अतिरिक्त मुंसिफ सांबा उर्वशी रैना ने मामलों को सुना।
दोनों पक्षों के वकीलों के प्रयास से सुलझा पति-पत्नी का विवाद
लोक अदालत में मामूली बात को लेकर चल रहे पति-पत्नी के विवाद को चंद मिनटों में निपटा दिया गया। जिले के एक व्यक्ति का पत्नी के साथ सात साल से विवाद चल रहा था। छोटी से नोकझोंक से ऐसे हालात बन गए कि दोनों में विवाद बढ़ता गया। बोलचाल तक बंद हो गई। आखिर पत्नी सुसराल घर को छोड़कर मायके घर चली गई। पत्नी चाहती थी कि पति उसे लेने के लिए मायके घर आए, लेकिन पति ने ऐसा नहीं किया तो मामला अदालत में पहुंच गया। पत्नी ने खर्च का केस लगाया। इसके बाद पति-पत्नी सात वर्ष से अदालत में चक्कर काट रहे थे। आखिर दोनों पक्षों के वकील मंदीप संब्याल और राजीव गुप्ता एक राय हुए और दंपती का केस समझौते से सुलझाने का फैसला लिया। केस लोक अदालत में रखा गया। यहां बेंच ने केस की सुनवाई की। पति और पत्नी को साथ रहने के लिए समझाया। दोनों वकीलों के प्रयास रंग लाए। दंपती साथ रहने के लिए मान गया और हंसी-खुशी घर लौट गए।
सड़क हादसे में मौत मामले में दिलाया मुआवजा
वहीं, लोक अदालत में इंसाफ के लिए अदालतों के चक्कर काट रही दो महिलाओं को भी इंसाफ मिला। अदालत ने सड़क हादसे में मौत के दो मामले सुलझाए। तीन वर्ष पुराने सड़क हादसे में मौत मामले में अदालत ने पीड़िता सविता को 16 लाख रुपये मुआवजा दिलाया। ऐसे ही अन्य मामले में सवित्री देवी को 9.25 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया गया। इंसाफ मिलने पर दोनों पीड़ित महिलाओं ने अदालत का आभार जताया।
न्यायालय परिसर में चिकित्सा शिविर भी लगाया
जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जिला न्यायालय परिसर में मुफ्त चिकित्सा शिविर भी लगाया। इसमें चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह, आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जाहिदा व वरिष्ठ फार्मासिस्ट डॉ. जसबीर सिंह ने मरीजों की जांच की। बीपी, एचबी, ब्लड शुगर सहित अन्य टेस्ट भी किए गए। मरीजों को दवाएं भी मुफ्त दी गईं। वहीं, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने अभिनंदन समारोह भी करवाया।