जम्मू। जम्मू एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में काम करने वाले श्रमिकों के लिए लॉकडाउन किसी मुसीबत से कम नहीं है। लगभग सात महीने से एयरपोर्ट पर काम कर रहे श्रमिकों में अधिकांश उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। मार्च से शुरू हुए देशव्यापी लॉकडाउन में कम बंद होने सेे श्रमिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लॉकडाउन के दौरान इन लोगों तक सरकार की कोई मदद नहीं पहुंची है। हालात ऐसे हैं कि इन मजदूरों के सामने अब पैदल घर जाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। रायपुर सतवारी रोड पर बनी झोपड़ियों में 20 परिवार रहते हैं। इन लोगों का कहना है जब पहली बार लॉकडाउन की घोषणा हुई थी, तो पांच किलो चावल मिला था। इसके बाद से कोई मदद नहीं मिली है। बिहार के रहने वाले श्रमिक राम ब्रिज ने कहा कि उनका परिवार एयरपोर्ट पर काम करता था। पहले तो काम बंद रहा, लेकिन अब ठेकेदार ने कुछ ही लोगों को काम पर रखा है। हमारे पास अब न तो राशन है और न ही पैसा। घर तो जाना चाहते हैं, लेकिन कोई पता नहीं है कि घर कैसे पहुंचेंगे। वहीं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी राम यादव ने कहा कि एक महीने से अधिक समय से बिना काम के हैं। घर जाना चाहते हैं, लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि यह कैसे संभव होगा। कुछ दिन और देखते हैं अगर कोई मदद नहीं मिली तो पैदल ही घर जाना पड़ेगा।