-13 साल से अंधेरे में ज्यौड़ियां, खंभों से उपकरण भी गायब
-लोग बोले-लाइटों के नाम पर पैसे का गोलमाल, जांच करे प्रशासन
-खंभों से गायब गोलमाल की लाइटें
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। लाइटों में गोलमाल से कस्बे के चौक-चौराहे 13 साल से अंधेरे में हैं। 18 लाख की हाईमास्ट लाइटों से कस्बा डेढ़ से दो साल ही रोशन रहा। खराब होने पर लाइटें ठीक नहीं करवाई गईं। अब तो खंभे खड़े हैं और लाइटें गायब हैं। रात होते ही वार्डों में अंधेरा पसर जाता है। लोगों ने कहा-प्रशासन मामले की जांच कर कार्रवाई करे।
नगर पालिका ज्यौड़ियां के बाजार और कस्बे के हर वार्ड को रोशन करने के लिए साल 2008-09 में 13 हाईमास्ट लाइटें लगाई गई थीं। हर लाइट के साथ एक तीन केवी का ऑटोमेटिक ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था। एक लाइट पर 1.25 लाख रुपये खर्च किए गए थे। 13 हाईमास्ट लाइटें लगाने पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए गए थे। सभी लाइटें मात्र ढेड़ से दो साल ही कस्बे को रोशन कर पाईं। धीरे-धीरे सभी लाइटें खराब हो गईं, लेकिन किसी ने भी ठीक कराना उचित नहीं समझा। अब लाइटें और उपरकरण भी गायब हैं।
आरोप-लाइटें लगाने के नाम पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग
पूर्व पार्षद प्रभु दयाल शर्मा, स्थानीय निवासी वीके शर्मा, बाबा अमृत भूषण, बाबा भारती नंद ने बताया कि कस्बे में यह हाईमास्ट लाइटें लगाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया है। 18 लाख रुपये की लाइटें डेढ़ से दो साल ही कस्बे को रोशन कर पाईं। करीब 13 साल से सभी लाइटें खराब पड़ी हैं। आज तक किसी ने भी इन लाइटों को ठीक करवाने की कोशिश नहीं की। अब लाइटें तो नहीं, सिर्फ पोल खड़े हैं। लाइटों की वोल्टेज बढ़ाने के लिए लगाए 13 ऑटोमेटिक ट्रांसफार्मर भी गायब हैं। इनकी कीमत करीब 65 हजार रुपये तक की बताई जा रही है। अन्य उपकरण भी बॉक्स से गायब हैं। लोगों ने कहा कि इस बारे में म्यूनिसिपल कमेटी के अधिकारियों को कई बार बताया, लेकिन लाइटें ठीक नहीं करवाई गईं। अब तो लाइटें भी गायब हैं। उन्होेंने प्रशासन से मांग की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
कोट
हाईमास्ट लाइटें 2009 में लगी थीं। उस समय हमारी यहां तैनाती नहीं थी। इन लाइटों के बारे में जानकारी भी नहीं है। फिर भी जांच करेंगे। कोई लाइट ठीक हो सकती होगी तो उसे ठीक करवाया जाएगा।
सुभाष चंद्र, ईओ, नगर पालिका, ज्यौड़ियां
हाईमास्ट लाइटों का मामला हमारे पदभार संभालने से पहले का है। फिर भी लाइटें ठीक करवाने के प्रयास किए थे। स्थानीय निकाय विभाग से संपर्क किया, लेकिन साथ नहीं मिला। नगर पालिका के पास फंड की कमी से लाइटें ठीक नहीं करवा पाए। मदन लाल, चेयरमैन, नगर पालिका, ज्यौड़ियां
लाइटोॆं में गोलमाल...18 लाख की 13 हाईमास्ट चलीं डेढ़ साल