संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कुछ सरकारी कर्मचारियों काे लापरवाही का लाइसेंस मिला है, क्योंकि वह जिम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर पा रहें। यह दास्तां तालाब तिल्लो के दिव्यांग वीरेंद्र की है। उनकी बेटी नोएडा में रहती है। पिछले साल 12 दिसंबर को उसने घर आकर लाइसेंस बनवाने के लिए टेस्ट दिया था। पास होने के बावजूद आरटीओ स्तर पर आवेदन अटका रहा। वीरेंद्र के अनुसार कई बार लाइसेंस के लिए हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। एक बार तो यह जवाब मिला कि ड्राइविंग लाइसेंस को रिन्यू करवा लीजिए। इसके लिए 300 रुपए लगेंगे। अव्यवस्था का शिकार हुए वीरेंद्र मंगलवार को सीधा आरटीओ के पास गए, जहां एक मिनट में ही लाइसेंस मिल गया। वहीं, आरटीओ पंकज ने कहा कि आवेदनकर्ता का काम एआरटीओ लेवल पर रुका था, जिसे कर दिया है।