जम्मू-कश्मीर सरकार इस साल 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार देगी। इसके लिए मिशन यूथ ने विजन इंडिया एजेंसी के साथ समझौता किया है। सोमवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसके लिए तैयार पोर्टल ‘अवसर’ का शुभारंभ किया।
पोर्टल पर युवाओं को अपना पंजीकरण कराना होगा
इस पोर्टल पर युवाओं को अपना पंजीकरण कराना होगा, जिसके बाद उनका रिज्यूम कंपनियों के साथ सांझा किया जाएगा और कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से युवाओं का चयन करेगी। प्रदेश के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा अब देश के बड़े कारपोरेट हाउस में नौकरी कर सकेंगे।
योजनाओं और नीतियां बनाने के लिए कई कदम उठा रही सरकार
मिशन यूथ ने विजन इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं और एक पोर्टल तैयार किया है। पोर्टल जारी करते हुए एलजी ने कहा, प्रदेश सरकार युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के साथ योजनाओं और नीतियां बनाने के लिए कई कदम उठा रही है।
पोर्टल पर कराना होगा पंजीकरण
निजी क्षेत्र में रोजगार के इच्छुक युवाओं को जॉब पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा। मिशन यूथ पंजीकृत युवाओं के रिज्यूम को कंपनियों को देगी और कंपनियां जम्मू व श्रीनगर में साक्षात्कार लेकर युवाओं का चयन करेंगी। प्रदेश में सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं की रुचि ज्यादा है।
कारपोरेट हॉउस में रोजगार देने की कोशिश
निजी क्षेत्र में पर्याप्त वेतन और अवसर नहीं मिलने से युवा इस तरफ कम जाते हैं। हालांकि मिशन यूथ अब युवाओं को बड़े कारपोरेट हॉउस में रोजगार देने की बात कर रहा है, जिससे युवाओं का इसके प्रति रुझान दिखने लगा है।