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J&K: अकाउंटेंसी सिर्फ बैलेंस शीट का मामला नहीं, बल्कि देश के विकास की मजबूत नींव रखने से जुड़ा- उपराज्यपाल

Sun, 18 Jun 2023 05:04 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने 1949 में अपनी स्थापना के बाद से एक लंबा सफर तय किया है। संस्थान ने नीति, शासन और व्यवसाय में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
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LG Manoj Sinha - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा श्रीनगर में रविवार को सार्वजनिक सेवा में आईसीएआई सदस्यों की 12वीं आवासीय बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि  अकाउंटेंसी सिर्फ बैलेंस शीट का मामला नहीं है, बल्कि ये देश के विकास की मजबूत नींव रखने से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने देश के विकास के लिए सार्वजनिक सेवा में आईसीएआई के सदस्यों के अमूल्य योगदान की सराहना की।

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एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने 1949 में अपनी स्थापना के बाद से एक लंबा सफर तय किया है। संस्थान ने नीति, शासन और व्यवसाय में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

राष्ट्र निर्माण में एक मजबूत भागीदार के रूप में, ICAI ने समावेशी विकास से संबंधित महत्वपूर्ण नीतियों के कार्यान्वयन में विभिन्न सरकारी संस्थानों, नियामक निकायों का लगातार समर्थन किया है ताकि भारत तेजी से आगे बढ़ सके और अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है और निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में नई सोच पैदा हुई है। इस आर्थिक सशक्तिकरण ने लोगों को सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों को प्रगति के नए पथ पर ले जाने के लिए नया जोश और आत्मविश्वास दिया है।

एलजी ने कहा कि सुदृढ़ आर्थिक नीतियों के कारण विश्व के बड़े-बड़े संगठनों और कंपनियों ने भारत की क्षमता पर विश्वास जताया है। इस बात की खुशी है कि आईसीएआई इस यात्रा में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है और सर्वोत्तम वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है।

मनोज सिन्हा ने कहा कि आज चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की भूमिका केवल वित्तीय बाजार की विश्वसनीयता, अनुशासन, निवेशकों और शेयरधारकों के विश्वास को बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे विकास कार्यक्रमों पर खर्च भी सुनिश्चित कर रहे हैं, सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।

जम्मू-कश्मीर में बीम्स अधिकारिता के माध्यम से हम आम आदमी के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाए हैं। 2019 से पहले की अवधि की तुलना में हमारे काम की गति 10 गुना बढ़ी है। समाज में नई आकांक्षाएं पैदा हुई हैं, युवाओं में नए संकल्प पैदा हुए हैं और अमृत काल में जम्मू-कश्मीर विकास के कई पैमानों पर विकसित राज्यों के बराबर है।

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