संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जीवन के कई क्षेत्रों में, चाहे संगीत, फिल्म, खेल, कला या साहित्य हो, दिव्यांग व्यक्तियों ने क्षमता और बौद्धिकता से सफलता और बड़े लक्ष्य हासिल किए हैं। आज वे समाज को प्रेरित कर रहे हैं। ये बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को जम्मू विश्वविद्यालय में पर्पल फेस्ट के उद्घाटन के दौरान कही। इस दौरान मुख्यातिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार वर्चुअल मोड में मौजूद रहे।
एलजी ने आगे कहा कि ऐसे कई महान व्यक्तित्वों ने साबित किया है कि उनमें किसी से कम क्षमता नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की विशेष योग्यता है। समावेशन का महोत्सव केंद्र शासित प्रदेश में दिव्यांगों के सशक्तिकरण की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। प्रत्येक नागरिक को दिव्यांगों के सशक्तिकरण और पुनर्वास के लिए एकजुट होकर काम करने की प्रेरणा देगी। प्रशासन ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो दिव्यांगों को पर्याप्त अवसर प्रदान व अधिकारों की रक्षा करने के लिए तत्पर रहेगा।
दो साल में 3832 मोटराइज्ड ट्राई साइकिल वितरित की गईं। मोटर चालित स्कूटी के वितरण में संतृप्ति हासिल की। विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों के लिए अभिनंदन होम का कायाकल्प किया। 2021-22 सभी 20 जिलों में 4474 लाभार्थियों को प्रोस्थेटिक किट दी गईं। पिछले वित्त वर्ष में 7608 दिव्यांगों व चालू वित्त वर्ष में 1000 लोगों तक यह सुविधा पहुंचाई। इसी तरह पिछले वित्तीय वर्ष में 384 दिव्यांगों को सरकारी नौकरी दी गई। आरक्षण 3 से बढ़ाकर 4 फीसदी हो गया। उन्होंने ऐलान किया कि लोक सेवा आयोग या जेकेएसएसबी के तहत पद 6 महीने में भरे जाएंगे। साथ ही दिव्यांगों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने पैरा एथलीटों और खिलाड़ियों सहित दिव्यांग राजदूतों को संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। लाभार्थियों को व्हीलचेयर और सहायक उपकरण प्रदान किए। पर्पल फेस्ट का उद्देश्य दिव्यांगों के अंदर छिपी क्षमताओं का प्रदर्शन करना और लचीलेपन का जश्न मनाना है। आयोजन में लगभग 5000 लोग भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय कार्यक्रम में सहायक उपकरणों का वितरण, विभिन्न विषयों में प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक समारोह, फैशन शो, प्रतिभा खोज और प्रदर्शनी होगी। यहां सांसद जुगल किशोर शर्मा, सलाहकार राजीव राय भटनागर, आयुक्त सचिव समाज कल्याण विभाग शीतल नंदा उपस्थित रहे।
इनका सम्मान - एशियन पैरा रोइंग प्रतियोगिता की कांस्य विजेता व भारत की पहली महिला खिलाड़ी कृतिका खन्ना, पैरा ओलंपिक पदक विजेता चंदीप सिंह, जम्मू-कश्मीर पैरा क्रिकेट टीम के कप्तान अनंतनाग के अमिर हुसैन लौंजी, राष्ट्रीय जूडो की स्वर्ण पदक विजेता रक्षंदा महक, बास्केटबॉल खिलाड़ी इसरत अख्तर, जूडो खिलाड़ी आकाश कुमार, क्रिकेटर इरफान अहमद मीर, फुट आर्ट में राज्य पुरस्कार विजेता उत्तम कुमार, क्रिकेटर तारिक अहमद शेख भारद्वाज, जूडो खिलाड़ी राकेश सिंह, व्हीलचेयर क्रिकेटर रोमैस्सर अहमद वानी को सम्मानित किया गया।
व्हीलचेयर और सहायक उपकरण दिए
जम्मू से जयनित चौधरी, कठुआ से भावना भगत, सांबा से तनवी शर्मा, रियासी से प्रणव शर्मा, राजौरी से कुलदीप चंद, उधमपुर से करनैल सिंह, पुंछ से रऊफ दिवान, डोडा से मदन लाल, किश्तवाड़ से आरती देवी और रामबन से अब्दुल कयूम को व्हीलचेयर, जम्मू से शामलाल, बलविंदर सिंह, कठुआ से शोभन लाल, अमन कुमार, रियासी से मोहम्मद बशीर, गोपाल कृष्ण, सांबा से सोमदत्त शर्मा, अश्वनी कुमार को हैंड ड्राइव ट्राई साइकिल, जम्मू से आशु कुमार, कठुआ से राजकुमार, सांबा से मुकेश कुमार, रियासी से रवि कुमार और राजौरी से मखना को प्रोस्थेट, जम्मू से राश राम, कठुआ से सुनीता पौडवाल को वाकिंग स्टीक और रियासी से जुबैदा बेगम, राजौरी से शहवाज अहमद को हियरिंग डिवाइस प्रदान किए गए।