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दिल्ली सरकार की तर्ज पर प्रदेश में भी सार्वजनिक वाहन चालकों को मिले आर्थिक मदद

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जम्मू।लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट की मार झेल रहे सार्वजनिक वाहन चालक  दिल्ली सरकार की तर्ज पर आर्थिक मदद की गुहार कर रहे है।प्रदेश में कोरोना वायरस के संकट के कारण एक माह से सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद पड़ी है। इसके कारण परिवहन सेवा से जुड़े लाखों लोगेें को काम प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर में अप्रैल से पर्यटन का सीज शुरू होता है। इस दौरान देश - विदेश से पर्यटक प्रदेश के भ्रमण पर पहुंचे है। लॉकडाउन के कारण  सबसे ज्यादा दिक्कत हर दिन मेहनत कर रोजी-रोटी कमाने वालों को हो रही है। इसमें शहर में मिनी बस, ऑटो, टैक्सी और ई- रिक्शा चालक शामिल है। जम्मू संभाग टुरिस्ट टैक्सी फेडरेशन ने प्रदेश सरकार से इस मुश्किल समय में चालकों की मदद की अपील की है। फेडरेशन के अध्यक्ष अंचल सिंह मन्हास ने कहा कि पिछले वर्ष अनुच्छेद 370 हटने के बाद से टैक्सी चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष अमरनाथ यात्रा के बाद से हमारे काम प्रभावति हुआ था। कश्मीर घाटी और इंटरनेट सेवा बंद होने से काम पर असर पड़ था। इस वर्ष पर्यटन सीजन में काम की उम्मीद थी, लेकिन कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण फिर काम प्रभावित हुआ  है। टैक्सी चालक भी हर दिन काम करने रोजी- रोटी कमाते है। एक महीने से परिवहन सेवा बंद होने से चालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा है। सरकार को चाहिए की वह दिल्ली सरकार की तर्ज पर प्रदेश में ऑटो और टैक्सी चालकों को आर्थिक मदद करे ताकि वह इस कठिन समय का सामना कर सके। गौरतलब है कि ऑटो रिक्शा, टैक्सी,  मैक्सी कैब, ई-रिक्शा जैसे सार्वजनिक सेवा वाले वाहन चालकों के पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दे रही है।
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