वहीं जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन जिले में अलग-अलग जगह पस्सियां गिरने से बुधवार हाईवे बंद हो गया। कड़ी मशक्कत कर सात घंटे बाद देर शाम को यातायात बहाल किया गया। रियासी के माहौर में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से टेंपो क्षतिग्रस्त हो गया। मलाई करूड़ में हादसे के दौरान टेंपो में फंसे लोग सुरक्षित निकाल लिए गए। त्रिकुटा पर्वत पर बुधवार धुंध और बादल छाए रहने से हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रही। इस दौरान बैटरी कार व रोपवे सेवा दिनभर जारी रही। बुधवार को शाम सात बजे तक 22 हजार के करीब भक्त पंजीकरण करवाकर भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 21 अगस्त तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश मौसम साफ रहेगा। 20 अगस्त को मौसम अधिक खराब हो सकता है।
रामबन में जवाहर टनल के ऊपर पहाड़ पर कठुआ के चरवाहे अपने माल मवेशियों के साथ अस्थायी ठिकाने पर मौजूद थे। सुबह करीब चार बजे बादल फटने से सैलाब आ गया। बताया जा रहा है कि नाले में बाढ़ आ गई, जबकि भूस्खलन के बाद मलबा भी आ गिरा। वहां पर मौजूद चरवाहे भी इस हालात में फंसे गए। सूचना मिलने पर सेना, बीकन, स्वयंसेवक और अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नौगाम शिफ्ट कर दिया। टनल के ऊपर सुरक्षा चौकी है, जिसके लिए बनाई गई एप्रोच सड़क मलबे में दब गई। मशीनें लगाकर मलबे को हटाया जा रहा है।
जम्मू में साफ रहा मौसम
जम्मू में हल्के बादल छाने के बाद दोपहर तक मौसम साफ हो गया। सीधी धूप में चलने पर तपिश का अहसास हुआ। यहां दिन का तापमान 33.2 और बीती रात का न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनिहाल में दिन का तापमान 29.6, बटोत में 26.2, कटड़ा में 30.7 और भद्रवाह में 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर में मौसम सुहावना बना हुआ है। श्रीनगर में दिन का तापमान सामान्य से गिरकर 26.8, पहलगाम में 22.9 और गुलमर्ग में 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में दिन का तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को बारिश की संभावना जताई है।