कैंप खौड़ के विस्थापितों ने दोहराई मांग, 1971 में युद्ध के दौरान पाक ने कर लिया था कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। छंब क्षेत्र को पाकिस्तान से वापस लिया जाए। सन 1971 में भारत पाक युद्ध के दौरान छंब क्षेत्र को छोड़कर कैंप खौड़ में विस्थापन की जिंदगी व्यतीत कर रहे लोगों ने छंब क्षेत्र को पाकिस्तान से वापस लेने की मांग एक बार फिर उठाई है।
कैंप खौड़ के लोगों की ओर से शुक्रवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के ब्लॉक खौड़ के अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा ने की। बैठक के दौरान लोगों ने कहा कि सन 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भारत का उपजाऊ क्षेत्र कहे जाने वाले छंब क्षेत्र पर पाक ने कब्जा कर लिया था। अब हम छंब क्षेत्र के लोग अपने क्षेत्र को वापस लेने की मांग करने लगे हैं। बैठक के दौरान छंब क्षेत्र के गांव चकला को छोड़कर गांव खौड़ कैंप में जीवन व्यतीत कर रहे हंसराज ने बताया कि छंब क्षेत्र में उनके 30 गांव थे। इनमें से पांच गांव बहुत बड़े थे, जिनमें गांव देवा, चकला, मनावर (मनोर), मतरेयाल और छंब शमिल थे। अगर ये सभी गांव फिर से भारत के पास आ जाएं तो भारत के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।
वहीं सेवानिवृत्त हेडमास्टर राम लाल निवासी गांव मतरेयाल ने बताया कि छंब क्षेत्र की जमीन उपजाऊ है। इसको वे लोग सन 1971 में छोड़कर आए थे। हमारी मोदी सरकार से मांग है कि छंब पाकिस्तान से ले लिया जाए। वहीं बुजुर्ग धनी देवी ने बताया कि हमारा गांव चकला था। उन्होंने बताया कि छंब के सभी 30 गांवों में उनके 1971 से पहले लगभग 50 हजार के करीब परिवार जीवन रहते थे। युद्ध के बाद सभी को सुरक्षित स्थानों पर बसाया गया। शांति होने के बाद कठुआ, आरएस पुरा सहित अन्य कई क्षेत्रों में हमारे छंब के लोगों को बसा दिया गया था। यहां भी हमारे लोग कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं, इसलिए उनकी मांग है कि अब प्रधानमंत्री मोदी छंब को वापस लेने के लिए सोच-विचार करें।