दोमाना। प्रभु भक्तिही जीवन का परम लक्ष्य है। इसलिए लोग प्रभु का सिमरन करें। यह ज्ञान कथावाचक संजीव शास्त्री ने दिया।
मढ़ के चन्नो चक गांव में श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा वाचक संजीव शास्त्री ने कथा सुनाकर भक्तों को प्रभु चरणों से जोड़ा। उन्होंने बताया कि प्रभु भक्ति ही जीवन का परम लक्ष्य है। इस दौरान भक्तों ने भजनों पर झूमकर प्रभु का गुणगान किया। सात दिवसीय कथा में आसपास के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। समापन पर कमेटी की ओर से भंडारा भी लगाया गया। इस मौके पर सरपंच प्रेम सिंह चिब, बिट्टू चिब, सीताराम, मदन लाल, सोनू चिब, विक्की चिब, समर प्रताप सिंह, गुनगुन, संपूर्णा सिंह आदि मौजूद रहे।