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भक्ति और रसमय कथा का भक्तों ने किया अमृतपान

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जम्मू। स्वामी हृदयानंद सरस्वती ने कहा कि अथर्वशीर्ष को न जानकर जो प्रतिमा स्थापन करता है, वह सैकड़ों लाख जप करके भी देव का सानिध्य और सिद्धि नहीं प्राप्त करता। हृदयदीप आश्रम में सात दिन का देवी अथर्वशीर्ष के पाठ की कथा स्वामी हृदयानंद द्वारा सुनाई गई। भक्ति और रसमय कथा का अमृतपान करके श्रोताओं ने आनंद प्राप्त किया। वीरवार को हुई कथा में स्वामी जी ने बताया कि इस देवी अथर्वशीर्ष का जो अध्ययन करता है, उसे फल प्राप्त होता है। 108 जप इसकी पुरश्चरणविधि है। मंगलवार अश्वनी नक्षत्र योग में महादेवी के सानिध्य में जप करने से मनुष्य महामृत्यु से तर जाता है। इस दौरान डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा और पूर्व उप-मुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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