परगवाल। नारायण भक्ति में ही परम आनंद मिलता है। उनकी वाणी से सागर भी मोती बन जाता है। यह ज्ञान कथावाचक सुरेश शास्त्री ने संगत को दिया।
सीमावर्ती क्षेत्र परगवाल में श्री सहस्त्र चंडी महायज्ञ जारी है। वीरवार को काफी संख्या में लोगों ने पहुंच कर हवन यज्ञ के बाद कथा सुनी। कथावाचक भगवान प्रेम के भूखे हैं। गलत आदतों का त्याग करके ही प्रभु से मिलन संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा की जो लोग छत कपट छोड़ कर सच्चे मन से भगवान की भक्ति करते हैं उन पर सदैव भगवान का आशीर्वाद बना रहता है। जब-जब भक्तों पर विपदा आती है भगवान उनके कल्याण के लिए सामने आते हैं। प्रभु का सिमरन करने से हर विपदा दूर हो जाती है। उन्होंने लोगों को नवरात्रि का महत्व भी समझाया। नौ दिवसीय श्री सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन सोमवार से जारी है।