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Jammu News: उत्साह, उमंग व आस्था के साथ कश्मीरी पंडित माता खीर भवानी के दरबार में पहुंचे

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नगरोटा से करीब 176 बसों से गए श्रद्धालु, मंडलायुक्त ने झंडी दिखाकर किया रवाना
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उत्साह, उमंग और आस्था के साथ जम्मू के नगरोटा से 176 बसों में आठ हजार के करीब कश्मीरी पंडित श्रद्धालु बुधवार को कश्मीर घाटी के गांदरबल जिले में माता खीर भवानी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए रवाना हुए। मां के जयघोष के बीच मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार ने बसों का रवाना किया। कश्मीरी पंडितों की आस्था का महापर्व खीर भवानी मेला 14 जून को धूमधाम से मनाया जाएगा।
नगरोटा से सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं से भरी बसों को रवाना किया गया। इस दौरान कश्मीरी पंडितों का उत्साह देखते ही बनता था। पारंपरिक कश्मीरी भाषा में भजन-संकीर्तन से नगरोटा गूंज उठा। श्रद्धालु श्रेया ने कहा कि पहली बार मेले में जा रही है। माता खीर भवानी कश्मीरी पंडितों की आराध्य है। मां का आशीर्वाद लेकर प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। उन्होंने कहा कि रियासी में तीर्थ यात्रियों की बसों पर हमला हुआ है, लेकिन हम इस तरह के हमलों से नहीं डरेंगे क्योंकि हमारे सुरक्षाबल हमारी सुरक्षा के लिए हैं। मुख्य आयोजन माता खीर भवानी मंदिर में होगा, इसके अलावा श्रद्धालु कुपवाड़ा के टिकर, अनंतनाग के लोबरीपुरा, कुलगाम के मंजगाम और देवसर भी जाएंगे।
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मंडलायुक्त रमेश कुमार ने कहा कि 176 बसों से श्रद्धालु यहां से रवाना हुए हैं। उनकी सुरक्षा सहित अन्य तरह की व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। राहत एंव पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद करवानी ने कहा कि आठ हजार के करीब लोगों ने पंजीकरण करवाया था। यात्रियों के भोजन, ठहरने व सुरक्षा के सभी बंदोबस्त किए गए हैं। रामबन जिला प्रशासन ने यात्रियों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था की थी। वहां करीब एक घंटा तक रुकने के बाद यात्री गांदरबल की तरफ रवाना हो गए।
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जम्मू के जानीपुर में भी होगी पूजा-अर्चना
कश्मीर के साथ अब जम्मू के जानीपुर में भी खीर भवानी का मेला होता है। इसको लेकर भी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जानीपुर स्थिति माता खीर भवानी मंदिर में 13 जून की शाम से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। 14 जून को दिन भर धार्मिक कार्यक्रम होता है, जिसमें भजन संकीर्तन के साथ कश्मीरी पंडित महिलाएं पारंपरिक पूजा-अर्चना करती हैं।
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