एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर की मौत मामले में एसआईटी ने जम्मू विश्वविद्यालय के तमाम प्रबंधन से पूछताछ कर ली है। इसमें कैश कमेटी, मनोविज्ञान की एचओडी और उनका स्टाफ, उप कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन और विवि के अन्य विभागों का स्टाफ शामिल है।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी की टीम ने विवि प्रशासन, प्रबंधन और स्टाफ के जितने भी लोगों से प्रोफेसर के बारे में बात की है। उनमें से किसी ने नहीं कहा कि प्रोफेसर चंद्रशेखर इस तरह के चरित्र के थे। न ही उनके खिलाफ पूर्व में किसी तरह की कोई यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ की शिकायत आई है। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि जिन छात्राओं ने शिकायत की थी वह अभी भी आरोप पर कायम हैं।
उधर, प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाले दो छात्रों से भी रविवार को पूछताछ हुई। अब सोमवार को एसआईटी शिकायत करने वाली छात्राओं के बयान दर्ज करेगी। प्रोफेसर चंद्रशेखर की पत्नी से भी पुलिस की अभी उस स्तर पर पूछताछ नहीं हुई है। उनके आधिकारिक तौर पर बयान दर्ज करने शेष हैं। सूत्रों की मानें तो सोमवार को एसआईटी चंद्रशेखर की पत्नी डॉ. नीता चंद्र के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
हालांकि जिस तरह से यह मामला जोरशोर से उठा था। उसके हिसाब से मामले की जांच अब धीमी पड़ने लगी है। एक तरह से यह जांच ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। तीन दिन से डॉ. नीता जम्मू में हैं, लेकिन उनके अभी अधिकारिक तौर पर बयान दर्ज नहीं हुए हैं। इसके अलावा एक हफ्ते से एसआईटी अभी पूरी तरह से उन छात्राओं के बयान भी दर्ज नहीं कर सकी है, जिनके नाम शिकायतपत्र में थे।