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Jammu News: एप्टेक कंपनी ब्लैक लिस्ट नहीं, नियमों के तहत किया गया चयन

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जेकेएसएसबी के चेयरमैन ने कहा, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और मेरिट से कोई समझौता नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) के चेयरमैन राजेश शर्मा ने अभ्यर्थियों की ओर से कुछ दिनों से किए जा रहे प्रदर्शनों पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ बाहरी ताकतें अभ्यर्थियों को गुमराह कर रही हैं। बोर्ड ने 16 मार्च से शुरू हो रही वित्त लेखा सहायक की परीक्षा के लिए एप्टेक और एक अन्य कंपनी की सेवाएं ले रहा है। एप्टेक कंपनी ब्लैकलिस्ट नहीं है। यूटी में 2019 में इस कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया गया था, लेकिन इसके ब्लैकलिस्ट होने की अवधि मई 2022 में समाप्त हो गई थी, जिससे कानूनी तौर पर एप्टेक भर्ती प्रक्रिया के लिए योग्य कंपनी है।
अगर किसी कंपनी को सभी संस्थानों के लिए ब्लैक लिस्ट करना हो तो वित्त मंत्रालय की ओर से अलग से अधिसूचना जारी की जाती है, लेकिन एप्टेक के मामले में ऐसा नहीं हुआ है। यह कंपनी भर्ती प्रक्रिया में सहयोग करेगी, जबकि दूसरी अन्य कंपनी भर्ती प्रक्रिया का तीसरी पार्टी ऑडिट करेगी। यह सारी प्रक्रिया नियमों के तहत की गई है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है।
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शर्मा ने कहा कि बोर्ड अपनी सभी भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरत रहा है। लेकिन कुछ शरारती तत्व बच्चों को बेवजह उलझन में डाल रहे हैं। इसके एक अभियान के तौर पर चलाने की कोशिश की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में बोर्ड के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में आशंका है कि इनमें अभ्यर्थी नहीं, बल्कि शरारती तत्व शामिल हैं। परीक्षाओं की पारदर्शिता के लिए जैमर और सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। बोर्ड, जिला प्रशासन की ओर से पर्यवेक्षक, मजिस्ट्रेट और पुलिस की डबल लेयर सुरक्षा रहेगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए निविदा में दो कंपनियां तकनीकी और वित्तीय बोली में खरी उतरीं। इसमें एप्टेक ने प्रति उम्मीदवार 267 रुपये और दूसरी कंपनी ने 335 रुपये प्रति उम्मीदवार परीक्षा करवाने का दावा किया। इससे पहले न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण जेई और सब इंस्पेक्टर की परीक्षा करवाई गई थी, लेकिन नतीजे घोषित नहीं किए गए। इस मामले को अभ्यर्थी उच्चतम न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय में ले गए थे, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने तीन माह में फैसला देने की बात कही है। एप्टेक ने देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के सफल पेपर करवाए हैं। 16 मार्च को होने वाली परीक्षा में दो लाख के करीब अभ्यर्थी बैठ रहे हैं, जिसमें शुक्रवार शाम तक करीब पचास हजार अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए थे। इस साल अब तक करीब 2500 पदों को भर लिया गया है और सालभर में 10 हजार करने की योजना है। उप राज्यपाल की ओर से 20000 हजार पद भेजने की बात कही गई है।
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