बहुचर्चित पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जम्मू अंजुम आरा ने बीएसएफ कमांडेंट करनैल सिंह समेत 24 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए गए हैं। आरोपियों पर धारा 420 धोखाधड़ी, आईपीसी 408 सरकारी पद का दुरूपयोग करना और धारा 120 बी आपराधिक साजिश रचना और आईपीसी 411 चोरी संपत्ति को लेने के आरोप तय किए गए हैं।
बता दें कि दो साल पहले 1200 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती घोटाला का पर्दाफाश हुआ था। इसमें बीएसएफ कमांडेंट, पुलिस कर्मियों, सीआरपीएफ कर्मियों, सरकारी शिक्षकों के नाम सामने आए थे। बीएसएफ कमांडेंट करनैल सिंह के अलावा अन्य आरोपियों में अशोक कुमार, अश्विनी कुमार, जयसूर्या शर्मा , केवल कृष्ण, रमन शर्मा, अमित कुमार शर्मा, राकेश कुमार, सुनील शर्मा, सुरेश कुमार शर्मा, जगदीश लाल, कश्मीर सिंह, अतुल कुमार, तरसेम लाल, जतिन यादव, विकास शर्मा, अनिल कुमार, अशोक उर्फ अशोक पंडित उर्फ गौरव पंडित, पवन कुमार, आशीष यादव उर्फ मोनू, बजिंदर सिंह, सुरिंदर कुमार, सुरेंद्र सिंह उर्फ कमांडो और प्रदीप कुमार कटियार शामिल हैं। बता दें कि पिछले साल सरकार ने इस मामले की जांच को सीबीआई के हवाले कर दिया था। सीबीआई ने जांच में पाया कि कैसे इन लोगों ने घोटाला किया।
ऐसे हुआ था पर्दाफाश
भर्ती का परिणाम सामने आने पर इसकी चयन सूची में अखनूर, मड़, कठुआ क्षेत्र के सबसे अधिक उम्मीदवार थे। इनमें कानाचक पुलिस स्टेशन के एएसआई की बेटी, दामाद और बेटे का नाम था। कई ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने 10 साल पहले 12वीं की हुई थी और मौजूदा समय मे सब्जी मंडी में काम करता था। यह बात सामने आने पर सरकार ने जांच कराई।
पता चला कि आरोपियों ने बेंगलूरे की मेरिट ट्रैक कंपनी से मिलकर हरियाणा से पेपर लीक करवाया। इस पेपर को फिर बाद में पैसे देकर जगह जगह बांट दिया। पेपरों को हरियाणा से लाकर बांटा गया। शुरूआत में पेपर 35 लाख का बिका, बाद में 5 लाख रुपये में भी।