मुख्य चुनाव अधिकारी के मताधिकार संबंधी बयान पर सरकार के स्पष्टीकरण के बावजूद जम्मू-कश्मीर का सियासी पारा नीचे नहीं आ रहा। स्पष्टीकरण को नाकाफी बताकर गुपकार गठबंधन की सोमवार को श्रीनगर में डॉ. फारूक अब्दुल्ला के निवास पर सर्वदलीय बैठक की। इसमें गुपकार गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं ने भाग लिया। जम्मू में भाजपा मुख्यालय पर भी पार्टी पदाधिकारियों, पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों की बैठक हुई।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने बताया कि पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसके बाद नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी के अलावा गुपकार गठबंधन में शामिल दलों के दुष्प्रचार का करारा जवाब दिया जाएगा। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर की मतदाता सूची में गैर स्थानीय मतदाताओं को शामिल करना स्थानीय पार्टियों को स्वीकार्य नहीं है।
इससे जम्मू-कश्मीर की पहचान खत्म हो जाएगी और इस फैसले को कानूनी चुनौती दी जाएगी। अब्दुल्ला के आवास पर हुई बैठक में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल, माकपा नेता एमवाई तारिगामी और शिवसेना नेताओं ने भाग लिया। हालांकि, सज्जाद लोन के नेतृत्व वाली पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व वाली अपनी पार्टी ने बैठक से दूर रहे।
उधर, भाजपा ने नेशनल कांफ्रेंस द्वारा बुलाई गई बैठक के खिलाफ जवाबी रणनीति तैयार करने के लिए जम्मू में बैठक की। श्रीनगर में अब्दुल्ला ने कहा कि बैठक में भाग लेने वाले सभी दल बाहरी लोगों को मतदान का अधिकार देने के कदम के खिलाफ एकजुट हैं। हम इसे मानने को तैयार नहीं हैं।
अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर में मतदाता सूची में "गैर-स्थानीय मतदाताओं को शामिल करने" के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई थी। सरकार ने पिछले शनिवार को इस बारे में स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया है।
संशोधित मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा जारी स्पष्टीकरण से नाखुश, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने कहा कि वे इस मामले पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने उनकी मुख्य चिंता का समाधान नहीं किया है।
पीपुल्स कांफ्रेंस ने सर्वदलीय बैठक से किया किनारा
पीपुल्स कांफ्रेंस ने गुपकार गठबंधन की बैठक से किनारा कर लिया है। पार्टी अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने सवर्दलीय बैठक से अलग होने की बात की है। सर्वदलीय बैठक में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, माकपा नेता मोहम्मद युसूफ तारीगामी, कांग्रेस प्रदेश प्रमुख विकार रसूल और अवामी नेशनल कांफ्रेंस के मुजफ्फर शाह भाग ले रहे हैं।
लोन ने बैठक में भाग लेने से मना करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों को कुचला जा रहा है तो हम दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। हमारे लिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 कोई खतरा नहीं है,लेकिन केंद्र सरकार के इरादे ठीक नहीं हैं।