औद्योगिक विकास, ऊर्जा, सुरक्षा और शहरीकरण में भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रौद्योगिकी सक्षम नई सोच और नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। यह अपील उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एनआईटी श्रीनगर के गेस्ट हाउस और खेल सुविधाओं के शुभारंभ के मौके पर की।
दौरे पर उप राज्यपाल ने संकाय सदस्यों के साथ बातचीत की और समाज पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव और उद्योग को मूल्यवान मानव संसाधन प्रदान करने में एनआईटी जैसे संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कहा कि एनआईटी में नवाचार और ऊष्मायन के क्षेत्र में पहला तकनीकी नवाचार केंद्र, ग्रीनोवेटर और एमएसएमई स्टार्टअप केंद्र भी स्थापित किया गया है। यह परामर्शदाताओं और छात्रों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे विचारों की शक्ति का उपयोग करें।
एक ऐसी संस्कृति को सक्षम करें जो नवाचार का समर्थन करती है, और उद्योग व शिक्षा के बीच की खाई को खत्म करती है। उप राज्यपाल ने तकनीकी संस्थानों को समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए ऊष्मायन और नवाचार केंद्रों को स्थापित करने के निर्देश दिए।
उप राज्यपाल ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हर साल पेटेंट पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। कहा कि हमें नई सेवाओं के लिए अनुसंधान, विचारों को बढ़ाने और मानव क्षमता में निवेश करने के लिए संस्थागत बुनियादी ढांचे का निर्माण करना चाहिए।
एनआईटी श्रीनगर के संकाय और प्रशासन को देश के शीर्ष 20 संस्थानों में शामिल करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए कहा। रूस और उज्बेकिस्तान के साथ चल रहे कपास उद्योग और अंतरिक्ष अनुप्रयोग परियोजनाओं के लिए उन्होंने संबंधित संकायों और निदेशक एनआईटी श्रीनगर को भी बधाई दी।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के 8वें संस्करण का ब्रोशर जारी
उप राज्यपाल ने बेहतर जीवन के लिए नैनो प्रौद्योगिकी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के 8वें संस्करण का एक ब्रोशर भी जारी किया। इसे एनआईटी श्रीनगर द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी और कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से 25 से 29 मई 2023 तक संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।