अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड (जेके बोर्ड) 10वीं और 12वीं कक्षा की द्विवार्षिक परीक्षा की बार-बार तिथि बदलने से बच्चों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। अब तक बोर्ड चार बार तिथियों में बदलाव कर चुका है, जिसका असर विद्यार्थियों की निरंतरता और एकाग्रता पर पड़ा रहा है। 28 अगस्त को 12वीं और दसवीं कक्षा की द्विवार्षिक परीक्षा की डेटशीट जारी की गई। 12वीं की परीक्षा 13 सितंबर से नौ अक्तूबर तक जबकि दसवीं की 14 सितंबर से छह अक्तूबर तक होनी थी। इस बीच, तिथि बदली गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि अक्तूबर में खत्म होने वाली परीक्षा नवंबर तक चलेगी।
बोर्ड ने पहले तीन अक्तूबर को 12वीं कक्षा की उर्दू, हिंदी, डोगरी, पंजाबी, कश्मीरी सहित अन्य विषयों की परीक्षा की तिथि में बदलाव कर 12 अक्तूबर को परीक्षा लेने का फैसला लिया। दसवीं में सोशल साइंस विषय की परीक्षा चार की बजाय सात अक्तूबर की। 11वीं, दसवीं और 12वीं कक्षा के विभिन्न विषयों की परीक्षा की तिथि में बदलाव किया। इसके बाद 10वीं कक्षा के सोशल साइंस और वोकेशनल विषयों की सात से 19 अक्तूबर के बीच होने वाली परीक्षा को स्थगित कर नई तिथि जारी करने की अधिसूचना जारी की। इसका कारण अपरिहार्य परिस्थिति बताया है।
यही नहीं, संबंधित अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे हैं। वह साप्ताहिक छुट्टी में भी इतने व्यस्त हैं कि फोन तक रिसीव करने का समय नहीं मिल रहा। जेके बोर्ड के चेयरमैन प्रो. परीक्षित सिंह मन्हास को कई बार कॉल की गई। इसके अलावा मैसेज भी भेजे गए, मगर उन्होंने रिप्लाई नहीं किया। हालांकि उनसे जब बात होगी तो इन सवालों क्या पर्याप्त तैयारी के शेड्यूल जारी किया था, बार-बार तिथियों को बदलने की जरूरत क्यों महसूस हुई के जवाब पूछे जाएंगे।