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Jammu News: झिड़ी मेला-साप्ताहिक छुट्टी ने ली सब्र की परीक्षा, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें, जाम से परेशानी भी आई

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संवाद न्यूज एजेंसी
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दोमाना। जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े प्राचीन किसान झिड़ी मेले में रविवार को साप्ताहिक छुट्टी में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। बड़ी संख्या में लोग मेला देखने के लिए आए। हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर (बाबा तालाब) में डुबकी लगाई। भक्तों में दर्शन के लिए उत्सुकता इतनी थी कि मेला स्थल पर ही लंबी कतारें लग गई थीं। यह सिलसिला शाम तक जारी रहा। बारी-बारी भक्तों ने बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के दरबार में पहुंच कर मन्नतें मांगी। साथ ही पूर्वजों की गल्तियों के लिए क्षमा याचना की।
साफ मौसम और धूप के चलते भक्तों का अलसुबह ही दरबार में आने का दौर शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे ही पूरा मेला स्थल लोगों से खचाखच भर गया था। ऐसा शायद ही कोई स्टाल होगा जहां लोग नहीं थे। हर स्टाल और दुकानों में खाद्य पदार्थों का स्वाद भक्त ले रहे थे। खरीदारी को लेकर उत्साह था। दोपहर में तो बड़ी गिनती में भक्त पहुंचे। पार्किंग स्थल पूरी तरह से वाहनों के साथ भर गए। इस कारण लोगों को मेले से दूर ही वाहनों को लगाना पड़ा और वहां से पद यात्रा कर दरबार की ओर रवाना हुए।
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बाबा जित्तो के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने हाथों में ध्वज लिए झिड़ी की ओर रूख किया। दरबार में बाबा जित्तो-बुआ कौड़ी को प्रसाद चढ़ाया। महिलाओं ने मनपसंद वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। रंग-बिरंगे फूलों से सजे दरबार की भी शोभा आकर्षण का केंद्र रही। दिनभर ढोल नगाड़े-बैंड बाजे के साथ भक्त हाजिरी लगवाते रहे।
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कई घंटे तक जाम में फंसे लोग
विभिन्न स्टालों विशेषकर फूलों, फूलदानों, आर्टिफिशियल ज्यूलरी, खिलौनों आदि में चहल पहल रही। जम्मू के जानीपुर से पत्नी आराधना के साथ आए धीरज ने बताया कि हर वर्ष धार्मिक स्थल में आते हैं। मेले से रंग-बिरंगे फूलदान व गमले आदि लेना पसंद करते हैं। पंजाब से आईं बलविंद्र कौर ने बताया कि वह परिवार के साथ मेला देख रही हैं। उधर, घर जा रहे लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक जाम के चलते ट्रैफिक व्यवस्था कटघरे में आ गई। आरएस पुरा से मेला देखने आए रंजन, राजू, शुभम और अंकुश ने बताया कि मेला स्थल घूमने में इतना समय नहीं लग रहा जितना पार्किंग से बाहर आने में लग रहा है। अजय, राकेश एवं सुमित के अनुसार दर्शन के लिए घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ा, लेकिन परेशानी इस बात की है कि मेले में पहुंचने के लिए ही कई घंटों जाम में फंसना पड़ा। पुलिस को सुचारू यातायात के लिए प्रयास करने चाहिए।
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