टारगेट किलिंग के बाद पहुंचे सुरक्षाबल
- फोटो : बासित जरगर
शोपियां जिले के चौधरी गुंड में कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट की हत्या में लापरवाही के आरोप में घटना के समय गार्ड ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर बटालियन से अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
शोपियां के एक आला अधिकारी ने बताया कि घर के करीब ही पूरण कृष्ण को गोली मारी गई। इलाके में कुल 9 परिवार रहते हैं और उनके ‘क्लस्टर’ के बीच में ‘पांच प्लस एक’ की गार्ड है जो घटना के समय मौके पर तैनात थी।
उन्होंने यह भी कहा कि घटनास्थल से 150 मीटर की दूरी पर सेना की राष्ट्रीय राइफल्स का कैंप भी है तो ऐसे में आतंकवादी कहां से आए, इसको लेकर जांच की जा रही है। ऐसा लगता है आतंकी सेब के बगीचों से होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
एक अधिकारी ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मी आर्म्ड पुलिस के थे जिन्हें अपनी बटालियन के साथ अटैच कर दिया गया है। विभागीय जांच में जल्द ही कुछ सामने निकल कर आता है तो वो साझा किया जाएगा।
दक्षिण कश्मीर के डीआईजी सुजीत कुमार ने माना था कि जिस समय हमला हुआ, वहां सिक्योरिटी तैनात थी। जिम्मेदार वे ही नहीं, बल्कि इस इलाके के अन्य अफसर भी हैं। गैर-विस्थापित कश्मीरी पंडितों की ‘कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति’ (केपीएसएस) ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए इसे सुरक्षा में चूक ठहराया था।
संगठन के अध्यक्ष संजय टिक्कू ने कहा कि अगर वहां गार्ड थे तो वो हमले के समय क्या कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पहले से कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों को मूवमेंट न करने को कह रही थी। अगर उनके पास ऐसी किसी वारदात को अंजाम देने का इनपुट था तो इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में चूक नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे।