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गोलों की मार, न कुदरत की, इस बार खूब महकेगी बासमती

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अजय मीनिया जम्मू। सालों बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों के चेहरों पर मुस्कान है। जिसके पीछे की वजह इस बार बासमती की बंपर पैदावार होने का अनुमान है। पूरे विश्व में अपनी महक बिखेरने वाली 370 बासमती की रिकार्डतोड़ पैदावार का अनुमान लगाया गया है। यदि औलावृष्टि और बेवजह बारिश न हुई तो इस साल बासमती फिर से पूरे विश्व में बढ़े स्तर पर महकेगी। इस साल बासमती की फसल को लेकर हर तरह का माहौल बेहतर रहा। न तो पाकिस्तानी गोलाबारी हुई और न ही वेवक्त बारिश हुई। समय पर बारिश हुई और समय पर फसल लगी भी। जिसका नतीजा सामने दिख रहा है। शेरे कश्मीर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के निदेशक जे पी शर्मा का कहना है कि इस साल बंपर पैदावार होने का अनुमान है। आरएसपुरा, सांबा, कठुआ, विजयपुर, अरनिया, बिश्नाह, मिश्रीवाला आदि क्षेत्रों में लगभग 70 हजार हेक्टेयर पर बासमती की फसल लगी हुई है। अनुमाान है कि इस साल 18.5 लाख क्विंटल बासमती की पैदावार होगी। न्यूनतम प्रति कनाल बासमती 1.5 क्विंटल से लेकर 2 क्विंटल और अधिकतर ढाई क्विंटल तक होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में लोगों ने बासमती की रणवीर 370 किस्म की बासमती ही लगाई है। जिसका स्वाद और सुगंध सबसे अधिक पसंद की जाती है। खासकर अरब देशो में इसकी खासी मांग रहती है। इस साल तो केंद्र ने भी किसानों की बासमती लेने के लिए मंजूरी दी है। लिहाजा जम्मू की प्रसिद्ध बासमती इस साल जम्मू से बाहर अन्य राज्यों और देशों में जाएगी। जानकारी के अनुसार जम्मू संभाग में कुल साढ़े तीन लाख हेक्टेयर पर धान की फसल लगाई जाती है। इसमें से 40 हजार सीमावार्ती क्षेत्र और 30 हजार अन्य क्षेत्रों में बासमती की पैदावार होती है। हालांकि अन्य 30 हजार क्षेत्र भी बार्डर से 8 से 10 किलोमीटर की दूरी के अधीन आता है। अनुमान सच होने का पूरी संभावना बासमती इस साल समय पर लगी थी। इसके बाद जब जब बासमती को प्रर्याप्त पानी की जरूरत थी तो बारिश भी हुई। बार्डर पर भी माहौल शांत रहा और सीमांत किसान इसकी देखभाल अच्छे से कर सके। इस समय मौसम विभाग का भी कहना है कि अगले कुछ समय तक बारिश और तूफान जैसी की कोई संभावना नहीं। लिहाजा पैदावार बंपर होने की पूरी संभावना है। पिछले वर्ष बेमौसम बारिश ने बासमती की फसल को खराब कर दिया था। साथ ही पिछले सीजन गेहूं की फसल भी नहीं लग पाई। लेकिन बासमती की फसल अच्छी खासी हुई है।
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