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Jammu News: इसरो के सहयोग से परियोजनाएं कर पाएंगे जेयू के छात्र व शोधार्थी

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वीसी प्रो. उमेश राय फोटो व पोस्टर गैलरी कार्यक्रम बोले इसरो से मिली शोध के लिए सम्मति
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय में शोध के बारे में इसरो के चेयरमैन के साथ बात हुई है। उन्होंने सहमति दे दी है। छात्र इसरो के सहयोग से परियोजनाएं लेकर शोध कार्य सकेंगे। यह जानकारी सोमवार को भौतिक विज्ञान विभाग में चंद्रयान यात्रा थीम के तहत आयोजित फोटो व पोस्टर गैलरी कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर उमेश राय ने दी। कार्यक्रम चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग का जश्न मनाने के लिए हुआ था। डीन रिसर्च प्रो. रजनी कांत ने कहा कि चंद्रयान-3 अग्रणी वैज्ञानिक खोजों का मार्ग प्रशस्त करता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोगात्मक अनुसंधान के लिए नए रास्ते खोलता है। फोटो-गैलरी का उद्देश्य छात्रों और आम लोगों कोे चंद्रयान के महत्व के बारे में समझाना है। भौतिक विज्ञान की शोधार्थी रुचिका शर्मा ने कहा - चंद्रयान थ्री दक्षिण ध्रुव में पहुंच गया है। इसी को लेकर सभी छात्रों और शोधार्थियों ने फोटोग्राफी दिखाई है। शोधार्थी दलजीत सिंह ने कहा कि एक्सरे स्पेक्ट्रो स्कोप के माध्यम से चंद्रयान की गतिविधियों के बारे में जाना है। यहां शोधार्थी नेहा, अकादमिक मामलों की डीन प्रोफेसर अंजू भसीन, पूर्व डीन प्रोफेसर नरेश पाधा उपस्थित रहे।
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आईआईटी के शोधार्थी प्रभुनाथन ने चंद्रयान-3 को लांच करने में दिया योगदान

जम्मू। आईआईटी के शोधार्थी प्रभुनाथ ने चंद्रयान-3 को लांच करने में योगदान दिया है। शोधार्थी इसरो के आईएसटीआरएसी में साइट को लांच करने के लिए संचार करता है। समय -समय पर साइट को चेक करता है। इससे वैज्ञानिक को जानकारी मिलती कि साइट कहां लैंड कर रही है। यह दावा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत डॉ. अंबिका प्रसाद शाह ने किया। उन्होंने बताया कि पीएचडी कर रहे प्रभुनाथन की ओर से चंद्रयान के एक भाग को सफल तरीके से आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई गई। प्रभुनाथ पेशे से वैज्ञानिक है लेकिन दोे सालों ने उनके शोध निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं। संवाद
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