रैंकिंग में सुधार के लिए बनाई अलग-अलग समितियां जो कमियों को दूर करने के लिए देंगी सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डिजाइन योर डिग्री, कॉलेज आन व्हील जैसे कई अनूठी पहल ने जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) की छवि न सिर्फ प्रदेश बल्कि देशभर में बदली। यही जम्मू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2024 की रैंकिंग में सुधार का आधार बना।
एनआईआरएफ रैंकिंग में जम्मू विश्वविद्यालय ने 13 पायदान के सुधार के साथ 50वीं रैंक हासिल कर पहली बार देश के टॉप 50 विश्वविद्यालय में अपने स्थान बनाया। जेयू के डिजाइन योर डिग्री कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली। आज न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि देश के अन्य विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम को अपना रहे हैं। कॉलेज आन व्हील के तहत पहले प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने ट्रेन से माध्यम से देश का भ्रमण किया। देश के टॉप शिक्षा संस्थानों के अकादमिक और अनुसंधान ढांचे को समझा।
जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय ने कहा कि उपराज्यपाल के निरंतर मार्गदर्शन और शिक्षा को लेकर उनकी दूरदृष्टि से जेयू आज देश के टॉप 50 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह बना पाया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास, उद्यमी बनने के प्रयास, समस्या समाधान अनुसंधान और शिक्षण पर जोर, शिक्षकों के कौशल विकास, विवि में अनुसंधान पर जोर, सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाले गूंज जैसे कार्यक्रमों ने विश्वविद्यालयों की रैंकिंग के सुधार में बड़ा योगदान दिया है। प्रो. राय ने कहा कि उपराज्यपाल प्रशासन से विवि को लगातार सहयोग मिला।
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कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे
एनआईआरएफ रैंकिंग में 50वां स्थान हासिल करने के बाद मंगलवार को वीसी जेयू ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन निदेशालय के साथ बैठक की। बैठक में रैंकिंग के साथ कमियों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिस भी क्षेत्र में कमी पाई गई उसके लिए अलग-अलग समितियां बनाई गईं। ये समितियां इन कमियों को दूर करने के लिए अपने सुझाव देंगी। इसके बाद एक अकादमिक परिषद की बैठक होगी, जिसमें इन कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वीसी ने कहा कि लेक्चरर हाल कांप्लेक्स निर्माण के लिए 19.78 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।