जम्मू की बाहु तहसील के तहसीलदार रोहित शर्मा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो जम्मू ने रोहित को उनके त्रिकुटा नगर स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके खौड़ और शक्ति नगर स्थित आवास पर छापे मारे। इस दौरान कई तरह के दस्तावेज बरामद किए गए। चार दिन में एसीबी ने दूसरा बड़ा अफसर रिश्वत लेते पकड़ा है। इसके पहले क्राइम ब्रांच जम्मू के डीएसपी विरेंद्र काटल को एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। बता दें कि रोहित शर्मा मूल रूप से खौड़ के हैं और शक्ति नगर जम्मू में रहते हैं।
जानकारी के अनुसार, आरएस पुरा के रहने वाले सौरभ ने त्रिकुटा नगर स्थित जेके मेडिसिटी के पास प्लॉट खरीदा था। प्लॉट को अपने नाम ट्रांसफर करने के लिए उन्होंने तहसीलदार से फर्द काटने की बात की। इस पर तहसीलदार ने उससे दो लाख रुपये मांगे। दोनों के बीच 50 हजार रुपये की सहमति बनी। इस बीच सौरभ ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के पास की।
ब्यूरो में उनसे कहा कि वह रिश्वत के पैसे लेकर तहसीलदार के कार्यालय जाएं। उक्त पैसों पर एसीबी की टीम ने रंग लगा दिया। सोमवार शाम 6 बजे वह तहसीलदार त्रिकुटा नगर स्थित कार्यालय पहुंचा। इसके पहले वहां पर डीएसपी सन्नी गुप्ता और इंस्पेक्टर जतिंदर रैना भी पहुंच चुके थे। तहसीलदार के पैसे लेते ही डीएसपी सन्नी और इंस्पेक्टर जतिंदर रैना स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसके पास पहुंच गए और रंगेहाथ 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
डीएसपी सन्नी गुप्ता का कहना है कि उनके पास शिकायत आई थी कि तहसीलदार फर्द काटने के लिए 2 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद जाल बिछाया और उसे दबोच लिया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। वहीं बताया जा रहा है कि तहसीलदार के शक्तिनगर और खौड़ स्थित घर पर भी छापे मारे गए। यहां से कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
ढाई साल से बाहु तहसील में तैनात
जानकारी के अनुसार तहसीलदार रोहित शर्मा ढाई साल से बाहु तहसील में तैनात हैं। अकसर अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई करते नजर आते हैं। खासकर हाईवे स्थित रेस्तरां पर कार्रवाई करने में। हालांकि कई लोगों का कहना है कि वह फर्द काटने को लेकर रिश्वत मांगते रहे हैं।
फर्द काटने को लेकर बड़ा खेल
बता दें कि राजस्व विभाग में फर्द काटने को लेकर बड़ा खेल है। फर्द काटने के लिए पटवारी से लेकर तहसीलदार तक के बीच लाखों रुपये की डील होती है। फर्द एक ऐसा दस्तावेज है, जिसके बिना जमीनों की रजिस्ट्री नहीं होती और न ही जमीन ट्रांसफर होती है। जमीन की वैल्यू के हिसाब से फर्द काटने की रिश्वत मांगी जाती है।
चार दिन पहले दबोचा था डीएसपी
अभी बीते शुक्रवार को एसीबी ने क्राइम ब्रांच जम्मू के डीएसपी विरेंद्र काटल को जम्मू के बाहु प्लाजा के बाहर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। डीएसपी ने भी बाप और बेटे के बीच संपत्ति विवाद में रिश्वत मांगी थी।