नई दिल्ली में भाजपा कार्यालय में ग्रहण की सदस्यता, पहाड़ी समुदाय को एसटी आरक्षण ने रंग दिखाना किया शुरू, अभी और कुछ नेता थामेंगे पार्टी का दामन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने के सप्ताहभर बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस की पूर्व एमएलसी डॉ. शहनाज गनई सोमवार को भाजपा में शामिल हो गई हैं। नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर के पार्टी प्रभारी तरुण चुघ, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने उनका भाजपा में स्वागत किया। भाजपा नेताओं ने अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए उनके काम की सराहना की। डॉ. गनई के बाद अभी और कई पहाड़ी नेताओं के पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। नेकां, पीडीपी, कांग्रेस के कई नेता भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं।
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले शहनाज गनई का भाजपा में जाना पीर पंजाल क्षेत्र की राजनीति में बड़ी उठापटक माना जा रहा है। वह नेशनल कॉन्फ्रेंस की एमएलसी रह चुकी हैं। वह जम्मू संभाग के पुंछ जिले की रहने वाली हैं। शहनाज नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री गुलाम अहमद गनई की पुत्री हैं। उनकी पीर पंजाल क्षेत्र में पकड़ है। 2013 में पंचायत कोटा के खिलाफ नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद के लिए चुनी गईं और 2018 में अपना कार्यकाल पूरा किया। गनई ने साल 2019 में नेकां से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही वह कई बार मोदी सरकार की योजनाओं के पक्ष में खड़ी नजर आईं थीं और इनके लिए मोदी सरकार की सराहना कर चुकी हैं।
पीएम मोदी के विकासात्मक प्रयासों ने पार्टी से जुड़ने के लिए किया प्रेरित
भाजपा में शामिल होने के दौरान शहनाज गनई ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के विकासात्मक प्रयासों ने उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर क्षेत्र वर्तमान में बड़े पैमाने पर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है क्योंकि शांति और विकास गतिविधियों ने नई गति पकड़ी है। मैं आज इस भाव के लिए भाजपा नेतृत्व का बहुत आभारी हूं। मैं पीएम मोदी के विकासात्मक प्रयासों से बहुत प्रेरित हूं। देश बड़े पैमाने पर बदलाव देख रहा है जिसमें महिलाओं और किसानों का सशक्तीकरण शामिल है। साथ ही जम्मू-कश्मीर में शांति और विकासात्मक गतिविधियों ने नई गति पकड़ी है। पर्यटन गतिविधियां बढ़ रही हैं और पहाड़ी समेत अन्य समुदायों को आरक्षण का लाभ मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग आगामी संसदीय चुनावों में भाजपा को जीत दिलाने के लिए उत्सुक हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को हैट्रिक मिलेगी।
शहनाज को नेकां उम्मीदवार से मिली थी शिकस्त: नेकां
नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि शहनाज गनई ने 2020 में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर पुंछ के मंडी से जिला विकास परिषद (डीडीसी) का चुनाव लड़ा था। इसमें एनसी उम्मीदवार अतीका जान ने उन्हें शिकस्त दी थी। इसी प्रकार 2022 में मुश्ताक बुखारी ने भी पार्टी छोड़ दी है।