राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार करतारपुर कॉरिडोर की तर्ज पर ही शारदा पीठ कॉरिडोर बनाने का सोच रही है। जल्द यह लोगों को देखने को मिलेगा। यही नहीं, कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की योजना पर काम जारी है। अब कश्मीर में आतंकी संगठन आईएसआईएस जिंदाबाद के नारे और नमाज के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं नहीं हैं। वह बुधवार को चेतना दिवस के उपलक्ष्य में प्रेमनाथ भट्ट मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से अभिनव थियेटर में हुए श्रद्धांजलि समारोह में बोल रहे थे।
मुख्यातिथि राज्यसभा सांसद ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) का मुख्य कारण शेख अब्दुल्ला और पंडित जवाहर लाल नेहरू हैं। अगर वे चाहते तो तीन दिन पहले एयरफोर्स को भेज कर पीओजेके बचा लेते। कश्मीर मुद्दे को यूएन ले जाने की बात पर कहा कि यह मुद्दा जानबूझकर बनाया गया है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जम्मू-कश्मीर में मारने की साजिश रची गई थी। प्रेम नाथ भट्ट के बारे में आर्टिकल पढ़ा था, जिसमें उन्होंने देश को सॉफ्ट बता कर कोई भी लूटने आ रहा है। एक बार इसे मान भी लें, लेकिन अब भारत ऐसा नहीं है। अब भारत सीधा जवाब देता है। हम पुलवामा हमले के बाद अब बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक जैसा बदला लेना जानते हैं।
महबूबा मुफ्ती पर कसा तंज, कहा-कश्मीर में जी20 के समय लहराए 20 देशों के ध्वज
महबूबी मुफ्ती पर तंज कसते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह कहती थीं कि अनुछेद 370 हटाने के बाद यहां पर तिरंगे को उठाने वाला कोई नहीं बचेगा। मैं उनको बताना चाहता हूं कि कश्मीर में हुए जी20 में 20 देशों के ध्वज लहराए थे। जम्मू-कश्मीर मात्र ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जहां पर दो एम्स हैं। यहां पर 66 हजार करोड़ का निवेश किया है। दो करोड़ पर्यटकों का आना यह साबित करता है कि यहां अब सब सामान्य है। पंचायती चुनाव को लेकर सवाल पूछे जाने पर कहा कि यह चुनाव आयोग ही तय करेगा।