चिनाव दरिया में कूड़े युवक को ढूंढ़ने के लिए तलाशी अभियान चलाते एन डी आर एफ एवं पुलिस कि टीम
महावीर मंदिर लोरी चक में श्रीमद्भागवत कथा तीसरे दिन भी रही जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। भव सागर पार करने का एक मात्र साधन श्रीमद्भागवत कथा है। लिहाजा हमें प्रतिदिन कथा को सुनना और पढ़ना चाहिए। यह ज्ञान संत कुलदीप शास्त्री ने मढ़ विधानसभा के लोरी चक स्थित श्री महावीर मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में संगत को दिया।
तीसरे दिन रविवार को बताया कि कथा सुनने में आलस नहीं करना चाहिए। यह नहीं सोचना चाहिए कि बार-बार कथा क्यों सुनें पिछली बार तो सुनी थी। कलयुग में श्रीमद्भागवत कथा ही एकमात्र ऐसा साधन है, जिसके श्रवण मात्र से ही सारे भव बंधन कट जाते हैं।
इसलिए कहीं भी जब भी अवसर मिले बार-बार कथा सुननी चाहिए। माता-पिता की सेवा को भगवान प्राप्ति का साधन बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा के बगैर भगवान की कृपा प्राप्त नहीं हो सकती। इसलिए हर घर में सबसे पहले माता-पिता की सेवा करनी चाहिए।
जबसे हमने होश संभाली है, हम दूसरों के बारे में ही सोचते रहते हैं, लेकिन हमें दूसरों के स्थान पर अपने विषय में भी सोचना चाहिए कि हम क्या बुरा और क्या अच्छा कर रहे हैं। जब तक हम स्वयं को नहीं पहचान लेंगे तब तक दूसरों को कैसे पहचानेंगे। इस अवसर पर उन्होंने भजनों से संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया।