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बाल दिवस: शह और मात के खेल में दिमाग के घोड़े दौड़ा कर नाम कमा रही जम्मू की अलंकृता

Mon, 14 Nov 2022 03:22 PM IST
kumar गुलशन कुमार अरुण कुमार, जम्मू

सार

कक्षा दूसरी की छात्रा अलंकृता ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में स्वर्ण समेत कई पदक जीते हैं। हाल ही में गुजरात में हुई अंडर-7 आयु वर्ग की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अलंकृता ने सातवां स्थान हासिल किया था।
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Alankrita Sharma - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छोटी सी आयु में शह और मात के खेल शतरंज में जम्मू की अलंकृता शर्मा प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। कक्षा दूसरी की छात्रा अलंकृता ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में स्वर्ण समेत कई पदक जीते हैं। हाल ही में गुजरात में हुई अंडर-7 आयु वर्ग की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अलंकृता ने सातवां स्थान हासिल किया था। 
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पिछले वर्ष अंडर-6 आयु वर्ग में वह वर्ल्ड चेस फेडरेशन रेटेड सूची में पहले स्थान पर रही थीं। अलंकृता वर्तमान में अंडर-15 आयु वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तैयारी में जुटी है। शतरंज के प्रति अलंकृता का रुझान पांच साल की आयु में हुआ था। घर में ही अपने बड़े भाई को खेलते देख उसे भी खेलने की इच्छा हुई।
 
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अलंकृता शर्मा - फोटो : फाइल
सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल अलंकृता के पिता ने चेस बोर्ड दिया तो अलंकृता ने शह और मात के खेल में अपने दिमाग के ऐसे घोड़े दौड़ाएं कि हर कोई उनका कायल हो गया। अक्तूबर में हुई जम्मू जिला चेस प्रतियोगिता में अलंकृता ने अंडर-7, अंडर-9, अंडर-11, अंडर-13 और अंडर-15 आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। अलंकृता के पिता मोहिंद्र शर्मा ने कहा कि उसका लक्ष्य अब अंडर-15 राष्ट्रीय चेस चैंपियनशिप है। इसके लिए वह दिन में तीन से चार घंटे अभ्यास कर रही है।
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