केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक लोन फ्रॉड मामले में निजी कंपनी के दो पूर्व निदेशकों को गिरफ्तार किया है। दो साल की जांच के बाद भारत पेपर लिमिटेड कंपनी कठुआ के पूर्व निदेशक अनिल कुमार और परवीन कुमार को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक अधिकारी जम्मू की अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को दस दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।
धोखाधड़ी का यह मामला वर्ष 2020 में दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में कंपनी के प्रबंध निदेशक का नाम भी शामिल है। कंपनी के निदेशक रहते आरोपियों ने लुधियाना की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से 87 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। ब्याज को मिलाकर यह राशि 121 करोड़ रुपये बनती है।
जानकारी के अनुसार 2006 से लेकर 2019 तक इस कंपनी की बैंक के पास 121 करोड़ रुपये की देनदारी थी। लेकिन कंपनी के लोगों ने गुपचुप तरीके से बिना बताए अवैध रूप से सारी मशीनरी बेच दी। इसके लिए बैंक से कोई अनुमति नहीं ली गई।
कंपनी ने बहुत ही जरूरी और महंगे उपकरण कबाड़ के रूप में बेच दिए। साथ ही इसके लिए फर्जी बिल भी तैयार किए, ताकि इसको वैध साबित कर सकें। यही नहीं, आरोपियों ने इस पूरी राशि को बैंक के ऋण खाते से किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया।