सर्विस राइफल से पुलिस में एसपीओ पत्नी और पत्नी के भाई की हत्या करने के दोषी विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) को प्रधान सत्र न्यायाधीश रामबन ने दोहरी उम्र कैद की सजा सुनाई है। अब्दुल गफूर निवासी ठाठरी ने रामबन के मैत्रा में अपनी एके56 राइफल से पत्नी और उसके भाई की गोली मार कर हत्या कर दी थी। अदालत ने दोषी को दोहरी उम्र कैद के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 50 हजार रुपये मृतका के बच्चों को दिए जाएंगे जबकि शेष 50 हजार सरकारी खजाने में जमा होंगे।
गोली लगने से दोनों की मौत हो गई
अभियोजन पक्ष के अनुसार 9 मई 2011 को विश्वसनीय सूत्रों से पुलिस थाने में सूचना मिली थी कि रात करीब 10.30 बजे अब्दुल गफूर ने राइफल से पत्नी रहमता बेगम और उसके भाई फारूक अहमद निवासी बरना भारथ डोडा पर गोलियां चलाई हैं। गोली लगने से दोनों की मौत हो गई।
बीच बचाव में आए उसके भाई की भी हत्या कर दी
गफूर मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में उसे पुलिस ने पकड़ लिया। नौ पन्नों के आदेश में अदालत ने कहा कि पति पर पत्नी की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, लेकिन गफूर ने पत्नी पर गोलियां चला दीं। बीच बचाव में आए उसके भाई की भी हत्या कर दी। यह भी नहीं सोचा की पीछे उसके बच्चों का क्या होगा।
दोषी को जुर्माने के साथ उम्र कैद की सजा सुनाई
कोर्ट ने कहा कि बच्चे भी अदालत से गुहार लगा रहे हैं कि उनके पिता के साथ नरमी बरती जाए। क्योंकि उनके सिर से मां का साया भी जा चुका है। लिहाजा इस मामले को दुर्लभ में दुर्लभतम श्रेणी में नहीं मानते हुए दोषी को जुर्माने के साथ उम्र कैद की सजा सुनाई जाती है।