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Jammu Kashmir: खुफिया नेटवर्क मजबूत कर रही पुलिस, क्षेत्रों के जानकार कर्मियों को सौंपी जा रही कमान

Tue, 25 Feb 2025 02:55 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए 200 से अधिक कर्मियों को जानकार इलाकों में तैनात किया और 90 के दशक के मददगारों से संपर्क बढ़ाया है।

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जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने खुफिया तंत्र को मजबूत कर रही है। जिला स्तर पर एसएसपी जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले कर्मियों को फील्ड में उतार रहे हैं। अब तक 200 से अधिक कर्मियों को ऐसे इलाकों में तैनात किया गया है, यहां खुफिया तंत्र की सबसे अधिक जरूरत है।

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ये क्षेत्र आतंकियों की मौजूदगी वाले हैं। इनमें अपराध और नशा तस्करी बढ़ रही है।यह भी कोशिश की गई है कि 1990 में आतंकवाद और अपराध मिटाने में पुलिस की मदद करने वाले पुराने लोगों को अपने साथ जोड़ा जाए, ताकि पुलिस को इलाकों की सूचनाएं मिलती रहे।

90 के दशक में राजोरी-पुंछ, डोडा, किश्तवाड़ रामबन, उधमपुर और कठुआ से आतंकवाद को खत्म करने में पुलिस को स्थानीय नेटवर्क की काफी मदद मिली थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कांस्टेबल से एएसआई स्तर के अफसरों को इन इलाकों में सक्रिय करते हुए पुराने लोगों से तालमेल बढ़ाने के लिए कहा है। तत्काल जानकारियां लेकर सीनियर अफसरों से साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि आतंकियों से लेकर नशा तस्करों व बदमाशों की पूरी जानकारी मिल सके। इसे ध्यान में रखकर जिला स्तर पर पुलिसकर्मियों को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा रहा है।
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बता दें कि पुलिस महकमा थाना, चौकी और सब डिविजन स्तर पर जानकार अफसरों को लगा रहा है। हाल ही में 157 डीएसपी के तबादले भी इसी का हिस्सा था। जिला स्तर पर थानेदारों और चौकी अफसरों को भी बदला जा रहा है। खासकर जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, किश्तवाड़, रामबन जिलों में कई अफसरों को जानकारी क्षेत्रों में लगाया गया है। अफसरों को खास तौर पर कहा गया है कि वे अपने साथ ऐसी टीम तैयार करें, जो उनके लिए खुफिया इनपुट लेकर आएं।

पुलिस को नेटवर्क मजबूत करना ही चाहिएमैंने पहले ही कहा था कि पुलिस को स्थानीय स्तर पर अपना खुफिया नेटवर्क मजबूत करने की जरूरत है। यदि विभाग ऐसा कर रहा है तो सही कदम है। क्योंकि आतंकियों, नशा तस्करों और अपराधियों पर नजर रखने में सबसे सटीक तरीका है।  एसपी वैद, पूर्व डीजीपी

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