जम्मू कश्मीर में कड़ाके की ठंड के बीच सियासी पारा गर्म हो गया है। अगले साल विधानसभा चुनाव तय मानकर राजनीतिक दलों ने संगठनात्मक बदलाव के अलावा जनता के बीच पैठ बनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। भाजपा ने तो जिला अध्यक्षों व जिला प्रभारियों को नए सिरे से मनोनीत किया है।
नेशनल कांफ्रेंस ने अध्यक्ष पद के लिए संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली है। डॉ. फारूक अब्दुल्ला लगातार दूसरी बार नेकां के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में अब वह अपनी नई टीम भी जल्द घोषित करेंगे। पीडीपी सूत्रों के अनुसार पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी जल्द संगठनात्मक बदलाव करने की तैयारी कर रही हैं।
सात जनवरी को उनके पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पुण्यतिथि पर वह संगठनात्मक बदलाव पर फैसला ले सकती हैं। इसके अलावा वह आठ जनवरी को जम्मू में बड़ी जनसभा भी करेंगी। कांग्रेस की बात करें तो नए अध्यक्ष विकार रसूल भी सक्रिय हो चुके हैं।
कांग्रेस की खोई सियासी जमीन को दोबारा हासिल करने के लिए वह डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद को सीधे निशाने पर ले रहे हैं। वहीं प्रदेश की सियासी पृष्ठभूमि पर डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद भी निरंतर नई दिल्ली से जम्मू कश्मीर पहुंचकर लगातार जन बैठकें कर रहे हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना का कहना है कि विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह से तैयार है। जब भी चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव का फैसला लेगा। पार्टी चुनाव मैदान में उतर जाएगी। इस बार पूर्ण बहुमत और अपना मुख्यमंत्री के एजेंडे पर भाजपा चुनाव मैदान में उतरेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विकार रसूल का कहना है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस जमीनी स्तर पर मजबूत है। चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर गतिविधियों को तेज किया गया है।