हम अपने सांविधानिक अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगे- नेकां
नेकां के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की वकालत करती रहेगी, जिसमें विधानसभा चुनाव कराना भी शामिल है। हम अपने सांविधानिक और कानूनी अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगे।
हम चुनाव की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट नहीं गए थे। हमारी मूल याचिका 5 अगस्त, 2019 को लिए गए एकतरफा और असांविधानिक फैसलों के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच को जो बताया गया है, वह मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की रणनीति है। आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची को अद्यतन करने के बारे में शीर्ष अदालत में दी गई दलीलों का उद्देश्य और अधिक भ्रम पैदा करना था।
मतदाताओं की सूची मुख्य रूप से नगर निगम चुनावों के लिए अद्यतन की जा रही है। इसका विधानसभा चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव करवाए जाने चाहिएं। सरकार खुद ही चुनाव पर लोगों को गुमराह करती रही है। हम पहले ही चुनाव की मांग कर रहे हैं। परिसीमन, मतदाता सूचियों की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, फिर चुनाव करवाने में देरी क्यों की जा रही है। प्रांतीय सचिव शेख बशीर अहमद ने कहा कि केंद्र का रुख अपरिवर्तित है और कहा कि शीर्ष अदालत के समक्ष दिए गए उसके बयान में कुछ भी नया नहीं है।
अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को हम मानते हैं असांविधानिक- पीडीपी
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के मुख्य प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने कहा कि न तो राज्य का दर्जा बहाल करना और न ही विधानसभा चुनाव कराना पार्टी के लिए आवश्यक प्राथमिकता है। हम यह देखना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की सांविधानिक वैधता पर कैसे निर्णय लेता है, जिसे हम असांविधानिक और अवैध मानते हैं। देश के कानूनविदों द्वारा जम्मू-कश्मीर के लोगों के मामले की पैरवी जिस ठोस तरीके से की गई है, उससे हम बहुत संतुष्ट हैं। हमें उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ-साथ देश के लोकतांत्रिक लोकाचार के लिए न्याय होगा। चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
पीडीपी के महासचिव अमरीक सिंह का कहना है कि हम पहले से ही विधानसभा चुनाव की मांग करते रहे हैं। सरकार ने ही चुनाव नहीं करवाए हैं। विपक्षी दलों की ऑल पार्टी के नेताओं ने पहले ही दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलकर विधानसभा चुनाव करवाने की मांग की थी। चुनाव आयोग को शीघ्र चुनाव करवाकर लोगों को लोकप्रिय सरकार देनी चाहिए।
राज्य का दर्जा तुरंत बहाल किया जाए- कांग्रेस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएन मोंगा ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कुछ भी निश्चित नहीं कहा है। हमारी पार्टी का रुख है कि राज्य का दर्जा तुरंत बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि केंद्र ने इसका वादा किया है और चुनाव के बाद इसका पालन किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से केंद्र को ऐसा कहना पड़ रहा है, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी रही है। कांग्रेस पहले ही विधानसभा चुनाव की मांग करती रही है। मौजूदा प्रशासन ने मनमाने ढंग से लोगों से सिर्फ कर वसूलने का काम किया है। हमें उप राज्यपाल प्रशासन मंजूर नहीं है। लोगों को अपनी चुनी हुई सरकार मिलनी चाहिए।