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जम्मू-कश्मीर: एनआईए के कश्मीर के 12 जगहों पर छापे, हाईब्रिड आतंकवादियों-ओवरग्राउंड वर्कर्स के घर खंगाले

Mon, 26 Jun 2023 11:02 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

घाटी में कार्रवाई के दौरान आपत्तिजनक डेटा वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने एक साल पहले केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू की थी, ताकि आतंकवादी साजिश का खुलासा किया जा सके।
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कश्मीर में कार्रवाई के दौरान एनआईए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को आतंकी संगठनों के मुखियों सहित उनके सहयोगियों के घरों पर छापे मारे। कश्मीर के चार जिलों कुलगाम, बांदीपोरा, शोपियां और पुलवामा में बारह स्थानों पर कार्रवाई की गई। इन स्थानों पर आतंकवादी संगठनों की नवगठित शाखाओं और सहयोगियों से जुड़े हाइब्रिड आतंकवादियों और ओवरग्राउंड वर्कर्स के परिसर थे।

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यहां से आपत्तिजनक डेटा वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने एक साल पहले (21 जून 2022) को मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू की थी, ताकि आतंकवादी साजिश का खुलासा किया जा सके।

एनआईए की जांच में नए आतंकी संगठनों में द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर (यूएलएफजेएंडके), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू एंड कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाइगर्स, पीएएएफ का नाम सामने आया। यह संगठन लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्ब-उल-मुजाहिदीन, अल-बद्र, अल-कायदा जैसे पाक समर्थित संगठनों से संबद्ध हैं।

हथियार, गोला-बारूद के संग्रह और वितरण में शामिल हैं आतंकी संगठन

सोमवार को जिन कैडरों और कार्यकर्ताओं के परिसरों पर छापे मारे गए, वे स्टिकी बम, मैग्नेटिक बम, आईईडी, फंड, मादक पदार्थ और हथियार, गोला-बारूद के संग्रह और वितरण में शामिल होने के कारण एनआईए की जांच के दायरे में हैं।

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ये संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंक, हिंसा और तोड़फोड़ से संबंधित गतिविधियों को फैलाने में लगे हैं। जांच से पता चला है कि पाक स्थित आतंकवादी संगठन आतंक को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर रहे थे।

उनके द्वारा कश्मीर घाटी में अपने गुर्गों और कैडरों को हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक, नशीले पदार्थ आदि पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था।

यह संगठन जम्मू-कश्मीर में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के अलावा स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर और भूमिगत कार्यकर्ताओं को संगठित कर आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

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